लाइव सिटीज, पटना: बिहार में राज्य के मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति को लेकर चल रही कवायद के बीच बड़ी खबर सामने आई है। मौजूदा पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार को बिहार का अगला मुख्य सूचना आयुक्त बनाए जाने पर सहमति बनने की जानकारी सामने आई है। इस संबंध में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बीच हुई बैठक में सहमति बनने की बात कही जा रही है।
बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद रहे।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, मुख्य सूचना आयुक्त का पद 31 जुलाई 2026 से खाली है। इसी पद पर अब डीजीपी विनय कुमार की नियुक्ति की संभावना जताई जा रही है। विनय कुमार 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और वर्तमान में बिहार के पुलिस महानिदेशक हैं।
बिहार सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त का पद खाली होने के बाद नए नाम को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच प्रक्रिया चल रही थी। सूचना का अधिकार कानून के तहत राज्य सूचना आयोग नागरिकों को सरकारी कामकाज और सार्वजनिक प्राधिकरणों से जुड़ी जानकारी हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
ऐसे में मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति प्रशासनिक पारदर्शिता और आरटीआई व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जाती है। बिहार सरकार के विभागीय रिकॉर्ड में भी सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत आयोग से संबंधित कार्यवाही और वार्षिक रिपोर्ट की प्रक्रिया दर्ज है।
विनय कुमार दिसंबर 2026 में डीजीपी के रूप में अपना निर्धारित कार्यकाल पूरा करने वाले हैं। सितंबर में उनके छुट्टी पर जाने के बाद प्रीता वर्मा को कार्यवाहक डीजीपी की जिम्मेदारी दी गई थी। इस दौरान विनय कुमार को मुख्य सूचना आयुक्त की जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चाएं भी सामने आई थीं।रिपोर्टों के अनुसार, विनय कुमार के मुख्य सूचना आयुक्त बनने की स्थिति में बिहार पुलिस की कमान को लेकर भी आगे नई व्यवस्था करनी होगी। फिलहाल कार्यवाहक डीजीपी के तौर पर प्रीता वर्मा जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
मुख्य सूचना आयुक्त के तौर पर विनय कुमार के सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारियों में सूचना के अधिकार से जुड़े मामलों की सुनवाई और लंबित अपीलों का निपटारा शामिल होगा। सूचना आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नागरिकों को सरकारी विभागों और सार्वजनिक प्राधिकरणों से कानून के तहत मांगी गई जानकारी मिल सके।बिहार में आरटीआई से जुड़े मामलों और आयोग की कार्यप्रणाली को मजबूत करने की जरूरत को लेकर समय-समय पर विभागीय स्तर पर भी निर्देश जारी होते रहे हैं।
