लाइव सिटीज, पटना: बिहार में पुलिस व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पुलिस के लिए 50 आधुनिक ड्रोन खरीदने की मंजूरी दी गई है। इन ड्रोन की खरीद पर सरकार करीब 24.50 करोड़ रुपये खर्च करेगी। यानी औसतन एक ड्रोन की कीमत लगभग 49 लाख रुपये होगी। यह राशि केंद्र प्रायोजित पुलिस आधुनिकीकरण योजना के तहत मिलने वाली सहायता योजना (ASUMP) के अंतर्गत स्वीकृत की गई है।
अपराध नियंत्रण में होगी ड्रोन की मदद
इन ड्रोन का इस्तेमाल केवल सामान्य निगरानी के लिए नहीं होगा, बल्कि पुलिस के कई महत्वपूर्ण अभियानों में किया जाएगा। सरकार के अनुसार ड्रोन का उपयोग एंटी क्राइम ऑपरेशन, नक्सल विरोधी अभियान, भीड़ नियंत्रण और प्रबंधन जैसे कामों में किया जाएगा। इससे पुलिस को ऐसे इलाकों पर ऊपर से नजर रखने में मदद मिलेगी, जहां जमीन से निगरानी करना मुश्किल होता है
नक्सल प्रभावित इलाकों में निगरानी
बिहार में नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ड्रोन के जरिए ऐसे क्षेत्रों की हवाई निगरानी की जा सकेगी। इससे अभियान से पहले इलाके की स्थिति का जायजा लेने और ऑपरेशन के दौरान निगरानी रखने में तकनीकी मदद मिल सकती है।
नदी और दियारा क्षेत्रों में भी इस्तेमाल
बिहार में गंगा, गंडक, कोसी समेत कई बड़ी नदियों के कारण बड़े दियारा और नदी क्षेत्र हैं। ऐसे इलाकों में पुलिस की पहुंच कई बार कठिन होती है। सरकार ने ड्रोन को रिवराइन ऑपरेशन में इस्तेमाल करने की भी योजना बनाई है। इससे नदी और उसके आसपास के क्षेत्रों में निगरानी तथा पुलिस अभियान में मदद मिल सकती है
24.50 करोड़ रुपये क्यों खर्च होंगे?
कैबिनेट के फैसले के मुताबिक 50 आधुनिक ड्रोन के लिए 24.50 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इसका मतलब प्रति ड्रोन औसत स्वीकृत लागत करीब 49 लाख रुपये बैठती है। यह केवल आम कैमरा ड्रोन की खरीद नहीं है; प्रस्ताव पुलिस आधुनिकीकरण के लिए आधुनिक ड्रोन सिस्टम से जुड़ा है, जिनका इस्तेमाल अपराध नियंत्रण, नक्सल विरोधी अभियान, नदी क्षेत्र के ऑपरेशन, भीड़ प्रबंधन और आपदा प्रबंधन जैसे अलग-अलग कार्यों में किया जाना है।
