लाइव सिटीज, पटना: बिहार में सरकारी बंगलों के आवंटन को लेकर छिड़े सियासी घमासान के बीच भवन निर्माण मंत्री लेशी सिंह ने राष्ट्रीय जनता दल की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर तीखा पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार कभी भी ईर्ष्या या द्वेष की भावना से कोई कार्रवाई नहीं करती, बल्कि हर कदम विधि संवत उठाया जाता है. बता दें कि पूर्वी मुख्यमंत्री और बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड खाली करने का नोटिस मिला है. उन्होंने आवास को खाली करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद उन्हें 15 दिन का अल्टीमेटम दिया गया है. इसे लेकर बिहार में राजनीति तेज हो गई है.
लेसी सिंह ने कहा कि सरकारी आवास किसी की परमानेंट संपत्ति नहीं हो जाता, इसलिए इससे किसी को बहुत ज्यादा मोह-माया नहीं रखनी चाहिए. कानून व्यवस्था नाम की भी कोई चीज होती है, लेकिन ऐसा लगता है कि राबड़ी देवी की नजर में कानून की कोई अहमियत ही नहीं है. सरकार हर हाल में नियम के मुताबिक ही कार्रवाई करेगी और विपक्ष चाहे जितने आरोप लगा ले, किसी भी स्थिति में संबंधित आवास खाली करना ही होगा.
लेशी सिंह ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ‘7 सर्कुलर रोड’ का बंगला उनकी Z+ श्रेणी की सुरक्षा और तय प्रोटोकॉल के हिसाब से आवंटित किया गया है. इसके साथ ही उन्होंने उन सभी सांसदों और मंत्रियों के साक्ष्य भी दिखाए, जिन्हें पूर्व में दो-दो आवास आवंटित किए गए थे. उन्होंने याद दिलाया कि राबड़ी देवी को भी पहले ’39 हार्डिंग रोड’ का आवास आवंटित किया गया था. पिछली सरकारों पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि हम लोग पहले की सरकार की तरह सरकारी आवासों से कोई गलत धंधा तो नहीं चलाते हैं. इसके अलावा उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘1 अन्ने मार्ग’ में ‘5 देश रत्न मार्ग’ को अस्थाई रूप से शामिल किया गया था, क्योंकि जब सम्राट चौधरी गृह विभाग का काम देख रहे थे, तो उसे तुरंत वहां से हटाना असंभव था. इसी 5 देश रत्न मार्ग से सुशासन, कानून व्यवस्था और विकसित बिहार बनाने का काम संचालित किया जा रहा था.
