लाइव सिटीज, पटना; बिहार में बंगला पर सियासी रार बढ़ गया है। सम्राट चौधरी सरकार को चुनौती देने के बाद राबड़ी आवास को पुलिस ने घेर लिया था। फिर, उनको आवास खाली करने का वक्त दिया गया। जब, मोहलत मिल गई तो राबड़ी देवी की बेटी रोहिणी आचार्य और बेटे तेज प्रताप ने सम्राट चौधरी सरकार को सीधी चुनौती दे डाली। दरअसल, सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद नए सिरे से सरकारी आवासों का आवंटन किया गया। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने शनिवार को अपना सरकारी आवास खाली नहीं करने पर अड़ गई हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने मीडिया से बातचीत में साफ तौर पर कहा कि वे आवास नहीं खाली करेंगी। उन्होंने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को चुनौती देते हुए कहा कि सरकार चाहे तो पुलिस बल का प्रयोग कर सकती है। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी निशाने पर लेते हुए कहा, ‘वे अभी-अभी मुख्यमंत्री बने हैं। वे फोर्स बुलाकर आवास खाली करवाएं। हम आवास खाली नहीं करेंगे।’ फिर सम्राट चौधरी सरकार की पुलिस राबड़ी आवास के दरवाजे पर पहुंच गई।
राजद अध्यक्ष लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्या ने आगे एक्स पर लिखा, अगर हिम्मत है तो जबरन बंगला खाली करवाए सरकार.. जनहित के ज्वलंत मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए राजनीतिक प्रतिशोध की राह पर है सम्राट चौधरी की सरकार। पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती राबड़ी देवी जी को आवास से बेदखल करने का तुगलकी फरमान और आवास पर पुलिस भेजना लोकतंत्र नहीं, सत्ता के अहंकार एवं बेजा दबंगई की निशानी है। अफसोसजनक है कि बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार, बढ़ते अपराध के फ्रंट पर पूरी तरह से निष्क्रिय साबित होती सम्राट चौधरी की सरकार विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने में पूरी सक्रिय है। ये शासन का कौन सा मॉडल है? बेशक शासन का ‘प्रतिशोध मॉडल’।’
वहीं , अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने कहा कि नीतीश कुमार का आवास भी खाली होना चाहिए, क्योंकि अब वे भी पूर्व मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने कहा कि सबसे पहले नीतीश कुमार को ही अपना आवास खाली करना चाहिए। सरकार को नीतीश कुमार को 15 दिनों का नोटिस देना चाहिए। जब वो आवास खाली कर देंगे तो राबड़ी देवी की आवास खाली कर देंगे।
