HomeBiharराज्य में नवजीवनम कार्यक्रम की हुई शुरुआत, लेबर रूम की गुणवत्ता में...

राज्य में नवजीवनम कार्यक्रम की हुई शुरुआत, लेबर रूम की गुणवत्ता में आएगा सुधार

लाइव सिटीज, पटना: मातृ एवं नवजात देखभाल में लेबर रूम एक अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील इकाई है। यह वह स्थान है जहाँ एक नया जीवन दुनिया में आता है और प्रसव के दौरान माँ तथा बच्चे की सुरक्षा, स्वास्थ्य और जीवन की रक्षा सीधे तौर पर इसी पर निर्भर करती है। लेबर रूम केसुदृढ़ीकरण एवं एनक्वास मानकों के अनुसार उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार एवं पीएसआई इंडिया के तत्वावधान में पटना के एक निजी होटल में आयोजित लांच कार्यशाला में “नवजीवनम कार्यक्रम” की बुधवार को औपचारिक शुरुआत की गयी।

यह कार्यक्रम राज्य के छः जिलों यथा भोजपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बढ़हरा, कैमूर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कुदरा, जहानाबाद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, हुलासगंज, सारण के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, गरखा, सिवान के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, आंदर और मुजफ्फरपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कटरा में शुरुआती चरण में क्रियांवित किया जाएगा।

कार्यशाला में उक्त जिलों के सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, जिला सलाहकार-गुणवत्ता यकीन और प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक शामिल हुए। कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी, हेल्थ सिस्टम सुदृढ़ीकरण और गुणवत्ता यकीन कार्यक्रम सह नोडल सड़क सुरक्षा, डॉ. अभिषेकवा कुमार सिन्हा ने कहा कि कोई भी माँ या गर्भवती महिला जब अस्पताल जाए तो उसे अपनी पूरी सुरक्षा और समुचित चिकित्सीय उपचार का भरोसा होना चाहिए। “नवजीवनम कार्यक्रम” एनक्वास के मानकों को जमीनी स्तर पर लाने में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने “नवजीवनम कार्यक्रम” की क्वालिटी मेन्टेन करने की जरुरत पर बल दिया।

डॉ. सिन्हा ने बताया कि अभी राज्य के 1041 स्वास्थ्य संस्थान एनक्वास प्रमाणित हैं और नवजीवनम से प्रमाणीकरण को और गति मिलेगी। कार्यशाला में अतिथियों का स्वागत करते हुए पीएसआई इंडिया के कार्यपालक निदेशक मुकेश शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 के आंकड़ों के अनुसार बिहार की 83% महिलाएं संस्थागत प्रसव के लिए सरकारी अस्पतालों पर भरोसा करती है। उन्होंने कहा कि लेबर रूम की गुणवत्ता माँ और उसके नवजात की समुचित देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित करती है।

पीएसआई इंडिया के संजीव कुमार श्रीवास्तव ने नवजीवनम प्रोजेक्ट की जानकारी देते हुए कहा कि कार्यक्रम के तहत लेबर रूम की आधारभूत संरचना, उपकरण और लेबर रूम स्टाफ के नियमित क्षमतावर्धन पर जरुरी काम किया जाएगा। कार्यशाला में डॉ. अनुपम सिंह, कंसलटेंट, क्वालिटी, राज्य स्वास्थ्य समिति ने भी अपने विचार रखे।पदाधिकारियों, सहयोगी संस्थानों के प्रतिनिधियों और पीएसआई इंडिया की राज्य टीम को धन्यवाद ज्ञापित किया कार्यशाला का संचालन पीएसआई इंडिया के स्टेट लीड सौरभ तिवारी ने किया और संस्था की टीम कार्यशाला में मौजूद रही।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments