लाइव सिटीज, पटना: पटना नगर निगम की ओर से वित्तीय संसाधन जुटाने के लिए की गई म्यूनिसिपल बॉन्ड की पहल की देशभर के महापौरों के बीच चर्चा हुई है। चंडीगढ़ में आयोजित ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ मेयर्स (AICM) की 118वीं कार्यकारिणी बैठक में पटना नगर निगम के म्यूनिसिपल बॉन्ड को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। बैठक में पटना की महापौर सीता साहू ने इस पहल की रूपरेखा, उपयोगिता और शहरी विकास के लिए इसके महत्व की जानकारी साझा की।
बैठक में मौजूद विभिन्न राज्यों के महापौरों ने पटना नगर निगम की इस पहल की सराहना की। कई महापौरों ने कहा कि बदलते समय में नगर निकायों को केवल पारंपरिक स्रोतों पर निर्भर रहने के बजाय विकास परियोजनाओं के लिए नए वित्तीय साधनों पर भी विचार करना चाहिए।
शहरों के विकास के लिए वैकल्पिक वित्तीय संसाधनों पर जोर
पटना की महापौर सीता साहू ने कहा कि शहरों के सतत और योजनाबद्ध विकास के लिए मजबूत वित्तीय व्यवस्था जरूरी है। नगर निकायों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने में म्यूनिसिपल बॉन्ड जैसे वित्तीय नवाचार महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने बैठक में बताया कि ऐसे वित्तीय साधनों के माध्यम से नगर निकाय अपने विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। इससे शहरी बुनियादी ढांचे और विकास से जुड़ी परियोजनाओं को वित्तीय मजबूती मिल सकती है।
नगर निकायों को वित्तीय और प्रशासनिक रूप से मजबूत बनाने पर चर्चा
AICM की कार्यकारिणी बैठक में केवल वित्तीय संसाधनों तक सीमित चर्चा नहीं हुई, बल्कि शहरी स्थानीय निकायों को प्रशासनिक, कार्यात्मक और वित्तीय रूप से सशक्त बनाने पर भी विचार-विमर्श किया गया।
महापौरों की भूमिका को अधिक प्रभावी बनाने, नगर निकायों की वित्तीय आत्मनिर्भरता बढ़ाने और शहरों में बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके अलावा स्वच्छ और टिकाऊ शहरों के विकास को लेकर भी विभिन्न पहलुओं पर विचार किया गया।
डिजिटल गवर्नेंस और तकनीक आधारित सेवाओं को बढ़ावा देने पर सहमति
बैठक में शहरों में डिजिटल गवर्नेंस और तकनीक आधारित नागरिक सेवाओं को बढ़ावा देने की जरूरत पर भी जोर दिया गया। इसके साथ ही शहरी विकास में जनभागीदारी बढ़ाने और अलग-अलग नगर निकायों के बीच सफल प्रयोगों एवं बेहतर कार्यप्रणालियों को साझा करने पर भी सहमति बनी।
महापौरों के बीच विभिन्न शहरों में किए जा रहे नवाचारों को साझा करने से दूसरे नगर निकायों को भी नई योजनाओं और व्यवस्थाओं को अपनाने का अवसर मिलने की बात कही गई।
महापौरों के पांच साल के समान कार्यकाल का प्रस्ताव
बैठक में महापौरों के लिए समान पांच वर्ष के कार्यकाल की अनुशंसा समेत कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। शहरी शासन व्यवस्था में महापौरों की भूमिका को मजबूत करने और उन्हें अधिक प्रभावी बनाने से जुड़े विषय बैठक के प्रमुख एजेंडे में शामिल रहे।
बैठक के दौरान पारित ‘चंडीगढ़ संकल्प’ में मजबूत नगर निकायों, वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर शहरों, स्वच्छ एवं हरित शहरी विकास और तकनीक आधारित शासन व्यवस्था की दिशा में सामूहिक प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।
1968 से शहरी निकायों के सशक्तिकरण की दिशा में काम कर रहा AICM
अखिल भारतीय महापौर परिषद (AICM) सोसायटी अधिनियम के तहत पंजीकृत संस्था है। यह वर्ष 1968 से देशभर के नगरीय निकायों के सशक्तिकरण और शहरी शासन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। परिषद की बैठकों में देश के विभिन्न शहरों के महापौर शहरी विकास, प्रशासन और नगर निकायों से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श करते हैं।
चंडीगढ़ में हुई 118वीं कार्यकारिणी बैठक में पटना नगर निगम के म्यूनिसिपल बॉन्ड की प्रस्तुति को इसी व्यापक चर्चा के तहत महत्वपूर्ण माना गया। इससे पटना की वित्तीय पहल को दूसरे शहरों के सामने साझा करने और शहरी निकायों के लिए वैकल्पिक वित्तीय संसाधनों पर चर्चा को आगे बढ़ाने का अवसर मिला।
