लाइव सिटीज, पटना: बिहार में वित्त रहित शिक्षकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। लंबे समय से अनुदान की राशि मिलने का इंतजार कर रहे शिक्षकों को अब भुगतान की प्रक्रिया में बदलाव का लाभ मिल सकता है। शिक्षा विभाग की बैठक में अनुदान की राशि सीधे शिक्षकों के बैंक खातों में भेजने की व्यवस्था लागू करने को लेकर निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी (DBT) का इस्तेमाल किया जाएगा।
अब तक वित्त रहित शिक्षकों के अनुदान की राशि संबंधित विद्यालयों और कॉलेजों की प्रबंधन समितियों के खातों में भेजी जाती थी। इसके बाद शिक्षकों तक राशि पहुंचने की प्रक्रिया पूरी होती थी। नई व्यवस्था के तहत भुगतान सीधे शिक्षकों के खातों में करने की योजना बनाई गई है। इससे भुगतान की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनाने और शिक्षकों को उनकी राशि सीधे उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सीधे शिक्षकों के खाते में भेजी जाएगी राशि
वित्त रहित शिक्षकों के अनुदान भुगतान को लेकर शिक्षा विभाग ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बैठक में शिक्षा मंत्री मितेश तिवारी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि अनुदान की राशि सीधे संबंधित शिक्षकों के बैंक खातों में भेजने की व्यवस्था की जाए।
इसके लिए डीबीटी प्रणाली अपनाने की योजना है। इस व्यवस्था में पात्र शिक्षकों की राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जाएगी। पहले प्रबंधन समितियों के खातों में अनुदान भेजे जाने के कारण भुगतान की प्रक्रिया में कई स्तर शामिल होते थे। सीधे खाते में राशि भेजने की व्यवस्था से इस प्रक्रिया को सरल बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
हालांकि, नई व्यवस्था के तहत भुगतान कब से शुरू होगा, शिक्षकों का सत्यापन किस तरह किया जाएगा और किन शर्तों के आधार पर राशि जारी होगी, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।
लंबे समय से अनुदान का इंतजार कर रहे शिक्षक
बिहार में वित्त रहित शिक्षक लंबे समय से अपने अनुदान के भुगतान की मांग करते रहे हैं। शिक्षकों की मांग रही है कि उन्हें मिलने वाली राशि समय पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि आर्थिक परेशानियों से राहत मिल सके।
इससे पहले भी वित्त रहित शिक्षकों के अनुदान को लेकर सरकार की ओर से घोषणा और राशि जारी किए जाने की जानकारी सामने आई थी। अब सीधे बैंक खातों में भुगतान की योजना को लेकर विभागीय निर्देश दिए जाने से शिक्षकों के बीच उम्मीद बढ़ सकती है।
41,556 रिक्त पदों पर संविदा नियुक्ति की तैयारी
शिक्षा विभाग की बैठक में नियुक्तियों को लेकर भी चर्चा हुई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विभिन्न निदेशालयों में करीब 41,556 पद रिक्त हैं। इन पदों पर संविदा के आधार पर नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ाने को लेकर विचार किया गया है।
बैठक में विभागीय सचिव राजीव रोशन ने रिक्त पदों को जल्द भरने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया। कनिष्ठ अभियंता और सहायक अभियंता जैसे पदों पर नियुक्ति को लेकर भी तेजी लाने की बात कही गई है।
रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया आगे बढ़ने से विभाग के कामकाज को गति मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इन पदों पर नियुक्ति के लिए विस्तृत विज्ञापन, पात्रता, आवेदन की समयसीमा और चयन प्रक्रिया से जुड़ी आधिकारिक जानकारी का इंतजार रहेगा।
पेंशन और शिक्षकों की समस्याओं पर भी चर्चा
बैठक में शिक्षकों की पेंशन, भुगतान और अन्य लंबित समस्याओं को लेकर भी अधिकारियों को निर्देश दिए जाने की जानकारी है। विभाग का जोर लंबित मामलों के समाधान और भुगतान से जुड़ी समस्याओं को दूर करने पर बताया गया है।इसके अलावा, छुट्टियों से जुड़े मामलों और विभिन्न नियमावलियों पर भी चर्चा हुई। शिक्षा विभाग की ओर से इन विषयों पर आगे क्या आदेश जारी किए जाते हैं, यह महत्वपूर्ण होगा।
वित्त रहित शिक्षकों के लिए क्यों अहम है यह फैसला?
वित्त रहित शिक्षकों के अनुदान का भुगतान सीधे बैंक खातों में करने की व्यवस्था लागू होती है, तो इससे भुगतान की प्रक्रिया में बिचौलिया स्तर कम करने, राशि के हस्तांतरण को पारदर्शी बनाने और पात्र शिक्षकों तक पैसा पहुंचाने में मदद मिल सकती है। शिक्षकों को अब प्रबंधन समितियों के माध्यम से राशि मिलने की प्रक्रिया पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शिक्षा विभाग ने सीधे भुगतान की व्यवस्था को लेकर निर्देश दिए हैं। इसके प्रभावी क्रियान्वयन, भुगतान की तारीख और पात्र शिक्षकों की सूची से जुड़ी आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिक्षकों के खातों में राशि कब से पहुंचनी शुरू होगी।
