HomeBiharDJ वाले बाबू गाना मत बजाना! बिहार में दुर्गा पूजा-दशहरा में डीजे...

DJ वाले बाबू गाना मत बजाना! बिहार में दुर्गा पूजा-दशहरा में डीजे पर सख्त प्रबंध, जानिए DGP और मुख्य सचिव का फरमान

लाइव सिटीज, पटना: बिहार में दुर्गा पूजा और दशहरा के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और राज्यभर में डीजे पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। अधिकारियों ने उपद्रवियों, अफवाह फैलाने वालों और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। मुख्य सचिव (CS) प्रत्यय अमृत और पुलिस महानिदेशक (DGP) प्रीता वर्मा की संयुक्त अध्यक्षता में सोमवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में सभी 40 जिलों में कानून-व्यवस्था की तैयारियों की समीक्षा की गई। इनमें 38 प्रशासनिक जिले और दो पुलिस जिले शामिल हैं।

कैबिनेट सचिवालय विभाग की ओर से जारी एक बयान के अनुसार सीएस ने अधिकारियों को त्योहार के दौरान महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया तथा कहा कि कानून-व्यवस्था बाधित करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने राज्यभर में डीजे पर प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने का भी निर्देश दिया। डीजीपी ने पुलिस अधिकारियों को संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने और पर्याप्त बल तैनात करने का निर्देश दिया।

पुलिस को सोशल मीडिया पर करीबी नजर रखने, प्रमुख पूजा पंडालों का अग्नि सुरक्षा ऑडिट कराने और पुलिसकर्मियों को नियमित रूप से जानकारी देने को भी कहा गया है। अधिकारियों ने पूजा पंडालों, प्रतिमाओं और विसर्जन जुलूसों के लिए शत-प्रतिशत लाइसेंस अनिवार्य कर दिया है। बयान में कहा गया कि आयोजकों को 10 से 25 जिम्मेदार व्यक्तियों के शपथपत्र प्रस्तुत करने होंगे, जबकि जुलूसों की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई जाएगी। भड़काऊ गीत, आपत्तिजनक नारे, प्रतिबंधित हथियारों का प्रदर्शन और किसी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले चित्रण की अनुमति नहीं होगी।

लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के लिए अनुमति लेना अनिवार्य होगा और रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक इनके इस्तेमाल की अनुमति नहीं होगी। डीजे संचालकों और लाउडस्पीकर मालिकों को अनुमंडल स्तर के अधिकारियों के पास पंजीकरण भी कराना होगा। अधिकारियों को भीड़भाड़ वाले स्थानों पर प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग रास्ते सुनिश्चित करने तथा चिकित्सा दल, एंबुलेंस, त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के जवानों, सीसीटीवी कैमरों और निगरानी टावरों की पर्याप्त व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने प्रतिमा विसर्जन के लिए निर्धारित घाटों और रावण दहन स्थलों पर गोताखोरों तथा बचाव दलों की तैनाती के भी निर्देश दिए हैं

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments