लाइव सिटीज, पटना: ‘ये बलिदान मेरा देश के लिए बेकार नहीं जाएगा। मुझे मारो… ले जाओ लेकिन युद्ध लड़ने का एक अलग ही मजा है।’ हाथ में पिस्तौल लेकर पुलिस को संबोधित करने वाला भरत भूषण तिवारी अब इस दुनिया में नहीं है। उसके एनकाउंटर के बाद सड़क जाम। विरोध प्रदर्शन और उसके एनकाउंटर को लेकर सवाल उठना जारी है।
वहीं, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस समस्या के सामने आने के बाद सार्वजनिक मंच से कहा कि मैंने देखा कि एक व्यक्ति हमारी ही पुलिस पर पिस्तौल तान रहा है। मुझे डीजीपी ने बताया कि वो मानसिक रूप से बीमार है। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। उसका इलाज मानसिक आरोग्यशाला में होगा। मुख्यमंत्री के इस बयान के कुछ समय बाद भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर की खबर सामने आई।
अब बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा है कि यदि एनकाउंटर ही करना था तो हाफ एनकाउंटर करते। पुलिस को एनकाउंटर से पहले बहुत कुछ करना चाहिए था। मिथिलेश तिवारी ने कहा कि ये दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। उस बच्चे ने जिसका एनकाउंटर हुआ है। उसने जो व्यवहार सोशल मीडिया पर दिखाया वो अच्छा नहीं था। लेकिन पुलिस को उसके आपराधिक इतिहास का पता लगाना चाहिए था। अगर एनकाउंटर जरूरी भी था। हाफ एनकाउंटर करना चाहिए था। आज बिहार की सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है। चार पुलिसकर्मी सस्पेंड हुए हैं। आगे इसकी पूरी जांच होगी। जो दोषी होगा, उन पर कार्रवाई होगी।
