लाइव सिटीज, आरा: बिहार के भोजपुर जिले में पारिवारिक विवाद के बीच दोहरे हत्याकांड की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। जगदीशपुर थाना क्षेत्र के तेंदुनी गांव में मंगलवार की देर रात एक महिला और उसके छोटे बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी गई। दोनों अपने घर में सो रहे थे, तभी उन पर धारदार हथियार से हमला किया गया। हमले में हथौड़े का भी इस्तेमाल किए जाने की आशंका है।
बुधवार की सुबह घर से मां और बेटे के शव मिलने के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मामले में मृतका के बड़े बेटे दिनेश कुमार और उसकी पत्नी शांति देवी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जांच में जमीन और संपत्ति के बंटवारे को लेकर पारिवारिक विवाद की बात सामने आई है।
घर में सोते समय किया गया हमला
मृतकों की पहचान रामवती कुंवर और उनके छोटे बेटे सुनील कुमार के रूप में हुई है। दोनों तेंदुनी गांव में रहते थे। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मंगलवार की देर रात दोनों अपने कमरे में सो रहे थे। इसी दौरान उन पर हमला किया गया। दोनों के शरीर पर धारदार हथियार से वार के निशान मिले हैं। गर्दन समेत शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें थीं।
पुलिस को घटनास्थल से खून लगा हथौड़ा भी मिला है। आशंका जताई जा रही है कि हत्या के दौरान इसका इस्तेमाल किया गया। घटना की जानकारी बुधवार की सुबह सामने आई, जिसके बाद ग्रामीणों की भीड़ घटनास्थल पर जुट गई।
जमीन के बंटवारे को लेकर चल रहा था विवाद
पुलिस की शुरुआती जांच में हत्या के पीछे जमीन और संपत्ति का विवाद सामने आया है। बताया जा रहा है कि परिवार के पास करीब चार से पांच बीघा जमीन है। जमीन के बंटवारे और हिस्सेदारी को लेकर बड़े बेटे दिनेश कुमार और छोटे बेटे सुनील के बीच अक्सर विवाद होता था।
बताया जाता है कि मां रामवती कुंवर छोटे बेटे के साथ रहती थीं और जमीन के मामले में उसका समर्थन करती थीं। पुलिस इसी पारिवारिक रंजिश को हत्या की संभावित वजह मानकर जांच कर रही है। हालांकि, अभी तक हत्या के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बड़े बेटे और बहू को हिरासत में लिया गया
दोहरे हत्याकांड के बाद पुलिस ने मृतका के बड़े बेटे दिनेश कुमार और उसकी पत्नी शांति देवी को संदेह के आधार पर हिरासत में लिया है। दोनों से घटना के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
जांच के दौरान दिनेश के एक हाथ पर चोट का निशान मिलने की बात भी सामने आई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उसे चोट कैसे लगी और वारदात के समय घर में कौन-कौन मौजूद था। पुलिस के अनुसार, किसी की भूमिका अभी साबित नहीं हुई है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
आठ नकाबपोश अपराधियों के घर में घुसने का दावा
पूछताछ के दौरान दिनेश कुमार ने पुलिस को बताया कि देर रात करीब डेढ़ बजे आठ नकाबपोश अपराधी घर में घुस आए थे। उस समय उसकी मां और छोटा भाई कमरे में सो रहे थे। दिनेश के मुताबिक, अपराधियों ने दोनों की हत्या कर दी। उसने यह भी दावा किया कि मां और भाई को बचाने के प्रयास में उसके हाथ में चोट लग गई।
हालांकि, पुलिस इस बयान की सत्यता की जांच कर रही है। जांच अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और परिवार के सदस्यों के बयानों का मिलान किया जा रहा है।
एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया। टीम ने घर और आसपास के इलाके की जांच कर वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस घटनास्थल से बरामद हथौड़े समेत अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
जगदीशपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रवि कुमार और थानाध्यक्ष आशीष कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जांच की निगरानी की।
पुलिस को मृतका की बहन के आने का इंतजार
बताया जा रहा है कि मृतका की बहन झारखंड में रहती हैं। उन्हें घटना की सूचना दे दी गई है। उनके जगदीशपुर पहुंचने और लिखित आवेदन मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
फिलहाल पुलिस हिरासत में लिए गए बड़े बेटे और बहू से पूछताछ कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस हत्याकांड में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है। मां और बेटे की एक साथ हत्या से तेंदुनी गांव में मातम पसरा हुआ है।
