लाइव सिटीज, पटना: बिहार विधान परिषद के द्विवार्षिक चुनाव 2026 को लेकर जनता दल (यूनाइटेड) ने अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। एनडीए समर्थित प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल मजबूत करने और चुनावी अभियान को बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए पार्टी संगठन को सक्रिय किया गया है। इसी कड़ी में जेडीयू ने सारण, तिरहुत, दरभंगा और पटना निर्वाचन क्षेत्रों के लिए जिला प्रभारियों की नियुक्ति की है।
जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा की ओर से 6 अक्टूबर को इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई। इसमें अलग-अलग नेताओं को संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में संगठनात्मक और चुनावी जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी का उद्देश्य इन क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और एनडीए समर्थित उम्मीदवारों के पक्ष में चुनावी अभियान को गति देना है।
चार निर्वाचन क्षेत्रों पर पार्टी का फोकस
जेडीयू ने जिन चार निर्वाचन क्षेत्रों के लिए प्रभारियों की नियुक्ति की है, उनमें सारण, तिरहुत, दरभंगा और पटना शामिल हैं। इन सभी क्षेत्रों में पार्टी संगठन को बूथ और जिला स्तर तक सक्रिय करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। प्रभारियों की जिम्मेदारी चुनावी गतिविधियों के संचालन के साथ-साथ स्थानीय संगठन, कार्यकर्ताओं और पार्टी नेतृत्व के बीच समन्वय मजबूत करने की होगी।
पटना स्नातक सीट पर खास नजर
एमएलसी चुनाव में पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र जेडीयू के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस सीट से पार्टी के वरिष्ठ नेता नीरज कुमार एनडीए समर्थित उम्मीदवार हैं। ऐसे में जेडीयू ने उनकी चुनावी तैयारियों को मजबूत करने के लिए संगठनात्मक स्तर पर विशेष रणनीति तैयार की है।
पार्टी की कोशिश है कि पटना स्नातक क्षेत्र में मतदाताओं के बीच लगातार संपर्क अभियान चलाया जाए और पार्टी के स्थानीय पदाधिकारियों तथा कार्यकर्ताओं को चुनावी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका दी जाए। जिला प्रभारियों के जरिए संगठन को एकजुट रखने और चुनावी अभियान को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने पर जोर रहेगा।
एनडीए उम्मीदवारों के लिए समन्वित अभियान
जेडीयू की ओर से जिला प्रभारियों की नियुक्ति को एनडीए के चुनावी अभियान को मजबूत करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि अलग-अलग क्षेत्रों में संगठनात्मक ताकत का इस्तेमाल करते हुए एनडीए समर्थित उम्मीदवारों के पक्ष में प्रभावी चुनाव प्रचार किया जाए।
विधान परिषद चुनाव में मतदाताओं का स्वरूप सामान्य विधानसभा चुनाव से अलग होता है। ऐसे में उम्मीदवारों तक व्यक्तिगत संपर्क पहुंचाने और संगठन के माध्यम से मतदाताओं के बीच लगातार संवाद बनाए रखने को अहम माना जा रहा है। इसी रणनीति के तहत जेडीयू ने चुनाव से पहले ही अपने संगठन को सक्रिय करना शुरू कर दिया है।
6 अक्टूबर को जारी अधिसूचना के बाद अब संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में पार्टी के जिला प्रभारी चुनावी गतिविधियों को आगे बढ़ाएंगे। आने वाले दिनों में इन क्षेत्रों में बैठकों, कार्यकर्ता संपर्क और चुनावी अभियान को और तेज किए जाने की संभावना है।
