लाइव सिटीज, पटना: दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने के बीच बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि सरकार किसी से डरती नहीं है, लेकिन बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना जरूरी है। मंत्री ने प्रदर्शनकारियों पर निशाना साधते हुए आशंका जताई कि वे देश के बच्चों को भी हथियार के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। उन्होंने इसे आंतरिक सुरक्षा से जुड़ा मामला बताया और यात्रियों को हुई असुविधा के लिए माफी मांगी
‘बच्चों की सुरक्षा के लिए सरकार अलर्ट’
मिथिलेश तिवारी ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार किसी से डरने वाली नहीं है। हालांकि, उन्होंने CJP से जुड़े प्रदर्शनकारियों के संदर्भ में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। मंत्री के मुताबिक, सरकार किसी भी संभावित खतरे को हल्के में नहीं लेना चाहती और इसी वजह से सुरक्षा के स्तर पर सतर्कता बरती जा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने यह भी कहा कि एहतियात के तौर पर उठाए गए कदमों को डर के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनके बयान में बच्चों की सुरक्षा और देश की आंतरिक सुरक्षा को प्रमुखता दी गई।
CJP को कांग्रेस और आरजेडी से जोड़कर साधा निशाना
शिक्षा मंत्री ने अपने बयान में CJP की राजनीतिक मंशा पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन के लोग अपनी पहचान बदलकर कांग्रेस और आरजेडी के लिए काम कर रहे हैं। मंत्री ने दावा किया कि देश के लोग अब उनकी मंशा समझ चुके हैं और इसी वजह से उन्हें पहले जैसा समर्थन नहीं मिल रहा है।
ये आरोप मंत्री ने अपने राजनीतिक बयान के दौरान लगाए हैं। इस संबंध में CJP या संबंधित विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया को अलग से देखना जरूरी है।
छात्रों के आंदोलन का जिक्र कर क्या बोले मंत्री?
मिथिलेश तिवारी ने छात्रों के पिछले आंदोलनों का उल्लेख करते हुए कहा कि मोदी सरकार विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि छात्र देश का भविष्य हैं और सरकार उनके हितों को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहती।
मंत्री के अनुसार, अगर छात्रों के हितों की रक्षा के लिए सरकार को पीछे हटना पड़े, तो वह ऐसा कर सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों के मामले में सरकार का रुख संवेदनशील है, जबकि देश की सीमाओं की सुरक्षा के सवाल पर वह कोई समझौता नहीं करेगी।इस बयान के जरिए मंत्री ने छात्रों के आंदोलन और मौजूदा CJP प्रदर्शन के बीच अंतर रेखांकित करने की कोशिश की। हालांकि, उन्होंने दोनों मामलों की तुलना करते हुए सरकार की प्राथमिकताओं को लेकर अपना पक्ष रखा।
यात्रियों को हुई परेशानी पर मांगी माफी
दिल्ली में प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था सख्त किए जाने और परिवहन सेवाओं पर असर पड़ने की खबरों के बीच मंत्री ने यात्रियों से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक सुरक्षा के लिए कभी-कभी ऐसे कदम उठाने पड़ते हैं, जिनसे आम लोगों को असुविधा हो सकती है।
मंत्री ने कहा कि जब देश के सामने कोई संकट आता है, तो जनता सरकार के साथ खड़ी होती है। उन्होंने मौजूदा परिस्थिति को आंतरिक सुरक्षा से जुड़ा मामला बताया और कहा कि सावधानी बरतने को डर नहीं समझना चाहिए।
दिल्ली में प्रदर्शन के मद्देनजर ट्रेन सेवाओं और मेट्रो संचालन को लेकर आई खबरों के बीच उनका यह बयान सामने आया। हालांकि, अलग-अलग सेवाओं पर लगाए गए प्रतिबंधों और उनके कारणों की पुष्टि संबंधित विभागों की जानकारी से की जानी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर भी दी प्रतिक्रिया
CJP प्रदर्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के संदर्भ में भी मिथिलेश तिवारी ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत के मुख्य न्यायाधीश की बात सरकार और प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण है तथा अधिकारी उसी के अनुरूप सावधानी बरत रहे हैं।मंत्री ने लोगों से चिंता नहीं करने की अपील करते हुए कहा कि सरकार स्थिति को संवेदनशीलता के साथ संभाल रही है। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार की सतर्कता का बचाव किया।
दिल्ली में प्रदर्शन से पहले बढ़ाई गई थी सुरक्षा
10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित CJP प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार किया था। पुलिस ने इसके पीछे आवेदन प्रक्रिया और कानून-व्यवस्था से जुड़ी आशंकाओं का हवाला दिया था। गृह मंत्रालय की ओर से भी संभावित कानून-व्यवस्था संबंधी चुनौतियों को लेकर राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को सतर्क रहने के निर्देश दिए जाने की खबर आई थी।
प्रदर्शन के दिन CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके और उनके साथियों को विमान में हिरासत में लिए जाने की खबर भी सामने आई। इसके अलावा राजधानी में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं।
कुल मिलाकर, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने सुरक्षा संबंधी चिंताओं को आधार बनाकर सरकार के कदमों का बचाव किया। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा, छात्रों के भविष्य, आंतरिक सुरक्षा और आम यात्रियों को हुई असुविधा जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी। वहीं, प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने और सार्वजनिक सेवाओं पर पड़े असर को लेकर उठे सवालों पर संबंधित अधिकारियों की विस्तृत जानकारी भी महत्वपूर्ण होगी।
