लाइव सिटीज, पटना: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को बिहार के जमुई में छात्रा के साथ अभद्रता मामले पर चिंता जताई और कहा कि यह बहुत बैचेन करने वाला है. उन्होंने कहा कि जब नियंत्रण को ही संस्कृति मान कर ‘अंधभक्त’ ऐसी सोच को सामान्य ठहराते हैं, तो भीड़ को लगने लगता है कि वही कानून है.
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोमवार को X पर लिखा, ‘बिहार के जमुई का एक वीडियो बहुत बेचैन करने वाला है. 10वीं क्लास के एक छात्र और छात्रा को रास्ते में जबरदस्ती रोक लिया गया. उन्हें प्रताड़ित किया गया, अपमानित किया गया और छात्रा के साथ उत्पीड़न किया गया. बच्ची हाथ जोड़कर उसे जाने देने की विनती करती रही, मगर गुंडे उसे गलत तरीके से छूते और खींचतान करते रहे.’
उन्होंने सवाल किया कि इन लोगों को ऐसी बदतमीजी करने का हक किसने दिया? साथ ही, राहुल गांधी ने पोस्ट में लिखा, ‘यह ‘संस्कृति’ नहीं है, यह पितृसत्ता है: ये सोच कि किसी भी पुरुष का किसी लड़की के शरीर, उसके आने-जाने और उसकी पसंद-नापसंद पर नियंत्रण है. जब नियंत्रण को ही संस्कृति मान कर ‘अंधभक्त’ ऐसी सोच को सामान्य ठहराते हैं, तो भीड़ को लगने लगता है कि वही कानून है.’
राहुल गांधी ने मांग की कि वीडियो में दिख रहे हर व्यक्ति की पहचान होनी चाहिए और उन अपराधियों पर पोक्सो के तहत मुकदमा चलाकर उन्हें जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए।उन्होंने फिर से सवाल उठाते हुए कहा कि अगर ये घटना 19 सितंबर की है तो गुनहगार अब तक सलाखों के पीछे क्यों नहीं हैं? बिहार सरकार जवाब दे कि शाम 7 बजे कोई लड़की राज्य की सड़कों पर सुरक्षित क्यों नहीं है?
