लाइव सिटीज, पटना: दिल्ली में इंडिया गठबंधन की एक और बैठक होने जा रही है। बंगाल की पूर्व सीएम और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव सहित दर्जनों विपक्षी दलों के नेता इस ’’महामंथन’’ में शामिल होंगे। एजेंडा वही घिसा-पिटा है – केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना। जनता पिछले एक दशक से यह तमाशा देख रही है। जब-जब चुनाव नजदीक आता हैं, विपक्षी दल ’’एकता-एकता’’ का राग अलापने लगते हैं। पर धरातल पर इस एकता का नतीजा क्या रहा? इंडिया ब्लॉक की बैठक से पहले सहयोगी दलों ने कांग्रेस पर साथ न देने का आरोप लगाया है। शनिवार को सीपीआई (एम) के महासचिव ने भी पत्र लिखकर नाराजगी जाहिर की।
जेएमएम कांग्रेस द्वारा झाराखंड में राज्यसभा उम्मीदवारों के नाम घोषित करने से नाराज है। वहीं डीएमके भी 8 जून को होने वाली बैठक में शामिल नहीं होगी। मंगल पांडेय ने कहा कि बिहार में कांग्रेस, वामदल और राजद साथ हैं, पर केरल में कांग्रेस और वाम दल एक-दूसरे के खिलाफ लाठियां भांजते हैं। बंगाल में तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पिटवाती है और दिल्ली में वही ममता दीदी ’’संविधान बचाओ’’ का भाषण देंगी। यूपी में सपा और कांग्रेस एक-दूसरे को धोखेबाज कहते हैं, पर दिल्ली की प्रेस कॉन्फ्रेंस में गले मिलेंगे। यही है इनकी एकता का सच। राहुल जी हर मंच से ’’नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान’’ खोलने की बात करते हैं। मगर हकीकत यह है कि उनके गठबंधन की दुकान का शटर हमेशा आधा गिरा रहता है। पार्टी के अंदर ही गुटबाजी है।
मंगल पांडेय ने कहा कि कांग्रेस पहले अपनी पार्टी को तो एकजुट कर लें फिर देश की एकता की बात करें। अखिलेश जी परिवारवाद को बढ़ावा देते हैं। वहीं ममता बनर्जी ने बंगाल में विरोधियों की आवाज दबाने का काम किया, अब लोकतंत्र की रक्षा का ठेका लेंगी।
खड़गे की कांग्रेस में चलती तब है जब राहुल इजाजत दें। यहां दर्जन दल दर्जन प्रधानमंत्री पद के दावेदार हैं। चुनाव के समय सीट बंटवारे की बात आते ही यह गठबंधन धराशायी हो जाता है। पिछले 11 वर्षों में मोदी सरकार ने 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला। आयुष्मान भारत से करोडों़ लोगों को 5 लाख तक का मुफ्त इलाज मिला। उज्ज्वला से करोड़ों माताओं-बहनों को धुएं से मुक्ति मिली। कोविड में दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चलाया। जी-20 की सफल मेजबानी की। आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। इन उपलब्धियों पर चर्चा करने की बजाय विपक्ष केवल नकारात्मकता फैलाता है।
