लाइव सिटीज, पटना: बिहार में बहन-बेटियों के साथ कथित दुर्व्यवहार और महिलाओं पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अपने बयान के जरिए सत्तापक्ष पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि जो लोग अंग्रेजों के शासन के दौरान उनके सामने खड़े होने का साहस नहीं दिखा सके, वे आज देश की महिलाओं और बेटियों के साथ कैसा व्यवहार कर रहे हैं। तेजस्वी यादव के इस बयान के बाद राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।
तेजस्वी ने किन लोगों पर साधा निशाना?
तेजस्वी यादव ने अपने बयान में कहा कि अंग्रेजों के सामने जिनकी पैंट गीली हो जाती थी, वे आज हमारी बहन-बेटियों को पीट रहे हैं। उनके इस बयान को मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और महिलाओं के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, निशाना साधे गए व्यक्ति या समूह की स्पष्ट पहचान की पुष्टि मूल बयान के संदर्भ से करना जरूरी है।
राजद नेता ने महिलाओं के सम्मान और उनके साथ होने वाले व्यवहार का मुद्दा उठाते हुए सत्ताधारी पक्ष को घेरने की कोशिश की। उनके बयान का मुख्य संदेश यह है कि महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की बात करने वालों को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके साथ किसी तरह का दुर्व्यवहार न हो।
बयान से गरमाई सियासत
बिहार की राजनीति में महिलाओं की सुरक्षा, विरोध-प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई जैसे मुद्दे अक्सर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का विषय बनते रहे हैं। तेजस्वी यादव का यह बयान भी इसी राजनीतिक टकराव के बीच आया है। विपक्ष की ओर से इस तरह के मुद्दों को उठाकर सरकार को जवाबदेह बनाने की कोशिश की जाती है, जबकि संबंधित घटना के तथ्यों और प्रशासन के पक्ष को सामने रखना भी जरूरी है।
