लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार, 1 नवंबर को आयोजित INDIA गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी और वोट चोरी के आरोपों को लेकर केंद्र सरकार पर भी हमला बोला। तेजस्वी ने अपने भाषण में महाभारत का उदाहरण देते हुए कहा कि जब शकुनि अपना खेल खेल रहा है तो लोकतंत्र को बचाने के लिए कुरुक्षेत्र में उतरकर लड़ाई लड़नी पड़ेगी।
रामलीला मैदान में वोट चोरों के खिलाफ महाभारत
तेजस्वी यादव ने अपने संबोधन में कहा कि आमतौर पर रामलीला मैदान में रामायण का आयोजन होता है, लेकिन आज यहां वोट चोरों के खिलाफ महाभारत का आयोजन किया गया है। उन्होंने महाभारत के पात्र शकुनि का जिक्र करते हुए कहा कि शकुनि जब पासा फेंकता था तो उसमें बेईमानी होती थी। आज भी कुछ लोग इसी तरह अपना खेल खेल रहे हैं। ऐसे में लोकतंत्र को बचाने के लिए विपक्ष को कुरुक्षेत्र में उतरकर मुकाबला करना पड़ रहा है।
ज्ञानेश कुमार को बताया मोदी का नमूना
तेजस्वी यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सीधा हमला बोलते हुए उन्हें मोदी का ‘नमूना’ और ‘ज्ञानू’ कहकर संबोधित किया। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार पर देशद्रोह का मुकदमा चलना चाहिए और उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी को भी देश के लोकतंत्र को खत्म करने की हिम्मत न हो।
उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं और देश की जनता यह सब देख रही है। उनके मुताबिक, लोकतंत्र के लिए खतरा केवल तानाशाही नहीं, बल्कि ऐसी संवैधानिक संस्थाएं भी हैं, जो कथित तौर पर किसी के इशारे पर काम करने लगती हैं।
मोदी सरकार को बताया दो नंबरी, प्रधानमंत्री पर भी साधा निशाना
तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी तीखा राजनीतिक हमला किया। उन्होंने केंद्र सरकार को ‘दो नंबरी सरकार’ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ’10 नंबरी प्रधानमंत्री’ बताया।
उन्होंने प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि आज उनके सामने यह चुनने की स्थिति है कि उनके लिए देश महत्वपूर्ण है या फिर उनके ‘ज्ञानू’। तेजस्वी ने कहा कि देश की जनता सब देख रही है और यह लड़ाई देश के वोटरों तथा कथित चीटरों के बीच है।
चुनाव आयोग में सॉफ्टवेयर घोटाले का लगाया आरोप
अपने भाषण में तेजस्वी यादव ने निर्वाचन आयोग में कथित सॉफ्टवेयर घोटाले का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सवाल किया कि यदि सॉफ्टवेयर तैयार करने के लिए टीसीएस (TCS) को टेंडर दिया गया था तो उससे जुड़े कागजात कहां हैं? उन्होंने इस मामले में पारदर्शिता की मांग करते हुए चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए।
तेजस्वी ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े लोग यह तय करने की कोशिश कर रहे हैं कि देश में कौन वोट देगा और कौन वोट नहीं देगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मताधिकार जनता का अधिकार है और इसे किसी के हाथ में नहीं सौंपा जा सकता।
आरएसएस पर भी किया तीखा प्रहार
तेजस्वी यादव ने अपने संबोधन में आरएसएस को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों का देश की आजादी की लड़ाई में कोई योगदान नहीं रहा, वे आज दूसरों को देशभक्ति का पाठ पढ़ा रहे हैं। उन्होंने आरएसएस को लेकर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि आज वही लोग देशभक्ति की बातें कर रहे हैं।
बिहार से शुरू हुई लड़ाई, यूपी चुनाव में बीजेपी को हराने की अपील
तेजस्वी ने बिहार का जिक्र करते हुए कहा कि वे बिहार की धरती से आते हैं और बिहार लोकतंत्र की जननी है। उन्होंने कहा कि एसआईआर (SIR) की प्रक्रिया बिहार से शुरू हुई और INDIA गठबंधन की लड़ाई भी बिहार से मजबूती के साथ आगे बढ़ी है।
उन्होंने विपक्षी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र को खत्म नहीं होने देने का संकल्प लेना होगा। साथ ही उन्होंने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी को सत्ता से बाहर करने के लिए लोगों से एकजुट होकर काम करने की अपील की।
वोट चोरी के मुद्दे पर एकजुट हुआ विपक्ष
दरअसल, दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित INDIA गठबंधन की महारैली का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित वोट चोरी रहा। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया के जरिए मतदाताओं के अधिकार प्रभावित किए जा रहे हैं। इसी मुद्दे पर विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है।
इस रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तेजस्वी यादव समेत INDIA गठबंधन के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। सभी नेताओं ने अपने-अपने संबोधन में चुनाव आयोग और केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।तेजस्वी यादव के भाषण ने रैली में राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया। उन्होंने साफ संदेश देने की कोशिश की कि विपक्ष वोट के अधिकार और लोकतांत्रिक व्यवस्था के मुद्दे पर पीछे हटने वाला नहीं है।
