लाइव सिटीज, रोहतास: बिहार के रोहतास में राष्ट्रीय लोक मोर्चा के सुप्रीमो और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक की रणनीति पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान अगर विपक्षी गठबंधन ने नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री पद का चेहरा घोषित किया होता, तो विपक्ष की स्थिति अलग हो सकती थी.
उपेंद्र कुशवाहा ने कांग्रेस की कार्यशैली पर तंज कसा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस कई बार राजनीतिक परिस्थितियों को समय रहते नहीं भांप पाती और जब चुनावी लड़ाई का नतीजा सामने आ जाता है, तब यह सोचती है कि कौन सा राजनीतिक दांव पहले खेला जाना चाहिए था.
कुशवाहा ने इसी संदर्भ में कहा कि युद्ध खत्म होने और हार सामने आने के बाद कांग्रेस को याद आता है कि कौन सा दांव खेलना चाहिए था. उनके इस बयान का निशाना विपक्षी गठबंधन की उस रणनीति पर है, जिसमें नीतीश कुमार के नाम को प्रधानमंत्री पद के संभावित चेहरे के तौर पर आगे नहीं बढ़ाया गया.
उपेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि एक समय ऐसा भी आया था, जब नीतीश कुमार विपक्षी गठबंधन के साथ थे. उस दौरान थोड़े समय के लिए यह राजनीतिक संभावना दिखाई दे रही थी कि अगर इंडिया गठबंधन नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर देता, तो विपक्षी गठबंधन को मजबूती मिल सकती थी. लेकिन विपक्षी गठबंधन उस मौके को भुना नहीं सका. समय बीतने के बाद अब कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को अपनी रणनीति पर विचार करना पड़ रहा है.’
