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त्योहारों पर बिहार में सुरक्षा का सख्त पहरा, 16 हजार प्रशिक्षु पुलिसकर्मी होंगे तैनात; फर्जी खबरों पर 4 घंटे में देना होगा जवाब

लाइव सिटीज, पटना: बिहार में दीपावली, काली पूजा और छठ महापर्व को लेकर राज्य सरकार ने सुरक्षा और विधि-व्यवस्था की तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिया कि त्योहारों के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, सार्वजनिक स्थानों और छठ घाटों पर विशेष सुरक्षा, साफ-सफाई और चौबीसों घंटे पुलिस गश्त की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।

लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के डीएम और एसपी को अलर्ट रहने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में बिहार के लोग दूसरे राज्यों और विदेशों से अपने घर लौटते हैं। ऐसे में उन्हें अपने गृह राज्य में सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर माहौल मिलना चाहिए। सरकार की प्राथमिकता है कि बाहर से आने वाले लोगों को बिहार में सकारात्मक बदलाव का अनुभव हो।

त्योहारों पर 16 हजार प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों की तैनाती

बैठक में पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा ने मुख्यमंत्री को सुरक्षा तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि त्योहारों के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 16 हजार प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों के साथ 1500 पीटीसी, होमगार्ड और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की अतिरिक्त तैनाती की गई है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी जिलों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती हो। इसके साथ ही क्विक रिस्पांस टीम (QRT) गठित कर उन्हें पूरी तरह सक्रिय और अलर्ट रखा जाए। किसी भी अप्रिय घटना की सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंचे और जरूरी कार्रवाई करे।

रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के आसपास विशेष निगरानी रखने को कहा गया है। इन इलाकों में 24 घंटे पुलिस गश्त की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि त्योहारों के दौरान यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो।

छठ घाटों पर सुरक्षा के साथ बिजली व्यवस्था पर विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री ने छठ महापर्व की तैयारियों को लेकर विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छठ बिहार की सांस्कृतिक पहचान और गौरव का प्रमुख पर्व है। इसलिए घाटों पर श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और स्वच्छता का पूरा ध्यान रखा जाए।

सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे खुद छठ घाटों की तैयारियों की नियमित निगरानी करें। घाटों पर निर्धारित मानकों के अनुसार सुरक्षा और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। स्थानीय स्वयंसेवकों को भी व्यवस्था में शामिल किया जाए। गांवों के छठ घाटों पर स्थानीय तैराकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि किसी आपात स्थिति में तत्काल मदद मिल सके।

विद्युत सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि कहीं भी नंगे बिजली के तार का इस्तेमाल नहीं हो। घाटों और आसपास के क्षेत्रों में बिजली से संबंधित सभी व्यवस्थाओं की जांच कराई जाए।

रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और सार्वजनिक स्थानों पर विशेष सफाई

मुख्यमंत्री ने त्योहारों के दौरान साफ-सफाई को लेकर भी अधिकारियों को निर्देश दिए। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, सार्वजनिक स्थलों और छठ घाटों पर बेहतर सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।

उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इन व्यवस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग करें। त्योहारों के दौरान बिहार आने वाले लोगों और श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

दलित-महादलित टोलों में जाकर लोगों के साथ पर्व मनाएं अधिकारी

मुख्यमंत्री ने सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारे को मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को दलित एवं महादलित टोलों में जाकर लोगों से मिलने और उनके बीच पर्व मनाने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि त्योहारों को आपसी प्रेम, सद्भाव और उत्साह के साथ मनाने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाए। जिलाधिकारी जनप्रतिनिधियों के साथ नियमित बैठक करें और उनकी समस्याओं एवं सुझावों को गंभीरता से सुनें।

इसके साथ ही सक्षम और संपन्न लोगों से 125 यूनिट बिजली सब्सिडी का लाभ स्वेच्छा से छोड़ने की अपील को लेकर प्रचार-प्रसार कराने का निर्देश दिया।

फर्जी खबरों पर चार घंटे के भीतर देना होगा जवाब

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर फैलने वाली भ्रामक एवं फर्जी खबरों को लेकर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक स्तर पर क्विक रिस्पांस टीम बनाने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर कोई खबर सही है तो उस पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करते हुए जवाब दिया जाए। वहीं, अगर खबर गलत या भ्रामक है तो उसका शीघ्र खंडन किया जाए। इसके लिए अधिकतम चार घंटे के भीतर प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने को कहा गया है।

उन्होंने कहा कि गलत सूचनाओं के कारण समाज में नकारात्मक माहौल नहीं बनना चाहिए। जनता तक सही और तथ्यात्मक जानकारी पहुंचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसके अलावा किसी समस्या को उठाए जाने पर उस पर की जा रही कार्रवाई और समाधान की जानकारी भी सार्वजनिक की जाए।

कायाकल्प अभियान में दोगुनी हुई योजनाएं, कोई गांव नहीं रहेगा वंचित

बैठक में मुख्यमंत्री ने विकास योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि कायाकल्प अभियान के तहत योजनाओं की संख्या दोगुनी कर दी गई है। अब जिलाधिकारियों की जिम्मेदारी है कि इन योजनाओं का प्रभावी तरीके से क्रियान्वयन हो और कोई भी गांव विकास कार्यों से वंचित न रहे।

उन्होंने सामुदायिक भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, पंचायत भवन सहित सभी जरूरी सार्वजनिक सुविधाओं को अभियान के दायरे में लाने का निर्देश दिया। साथ ही बाढ़ के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सभी ग्रामीण सड़कों की जल्द मरम्मत कराने को कहा।

25 नवंबर के बाद जिलों का दौरा करेंगे मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को बताया कि 25 नवंबर के बाद वे विभिन्न जिलों का भ्रमण करेंगे। वहीं, 16 नवंबर के बाद विकास कार्यों पर विशेष ध्यान देते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा की जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास योजनाओं में किसी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए। सभी कार्यों को समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए और उनकी प्रगति की लगातार निगरानी की जाए।

उद्योगपतियों के साथ हर महीने बैठक करेंगे डीएम और एसपी

बिहार में औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को हर महीने उद्योगपतियों के साथ बैठक करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि उद्योग लगाने और संचालित करने के दौरान उद्यमियों को आने वाली समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। इससे राज्य में निवेश का माहौल बेहतर होगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

मुख्यमंत्री ने जिलों में जमीन अधिग्रहण के कार्यों में देरी नहीं होने देने का निर्देश भी दिया। उन्होंने अधिकारियों से ‘एक जिला, एक उत्पाद’ (ODOP) योजना पर गंभीरता से काम करने को कहा, ताकि प्रत्येक जिले के स्थानीय उत्पादों को पहचान और बाजार मिल सके।

अधिकारियों को जवाबदेही के साथ काम करने का निर्देश

मुख्यमंत्री ने बैठक के अंत में सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी गंभीरता, जवाबदेही और समयबद्धता के साथ करें। उन्होंने कहा कि बिहार में सुशासन, सुरक्षा और विकास की गति को लगातार तेज करना सरकार की प्राथमिकता है।

बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा ने कानून-व्यवस्था और त्योहारों की तैयारियों के संबंध में मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान वित्त विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, विशेष सुरक्षा के पुलिस महानिदेशक कुंदन कृष्णन, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह और संजय कुमार सिंह सहित ऊर्जा, सामान्य प्रशासन और भवन निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी प्रमंडलों के आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उपमहानिरीक्षक, जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक से जुड़े थे।

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