लाइव सिटीज, पटना: बिहार में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है. राज्य के 18 जिलों में नदियों का पानी तेजी से फैल चुका है. इस वजह से 6.65 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं. नेपाल के पहाड़ी इलाकों और पड़ोसी राज्य झारखंड में हुई लगातार बारिश के कारण बिहार की प्रमुख नदियां उफान पर हैं. मौसम विभाग ने आगामी 9 सितंबर तक राज्य में मौसम खराब रहने और कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है.
राज्य की 9 प्रमुख नदियां इस समय लाल निशान के पार बह रही हैं .पटना में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. पिछले 24 घंटे में दीघा में 10 सेमी, गांधी घाट में 11 सेमी और हाथीदह में 21 सेमी जलस्तर बढ़ा है. शहर के तीनों गेज पॉइंट पर गंगा खतरे के निशान से ऊपर है.पुनपुन नदी का जलस्तर 28 सेमी बढ़ा है. श्रीपालपुर में यह लाल निशान से 2.57 मीटर ऊपर बह रही है. भागलपुर में गंगा 2 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही है. यहां पिछले 24 घंटे में जलस्तर 46 सेमी बढ़ा है, जिससे तटबंधों पर दबाव काफी बढ़ गया है.
उत्तर बिहार की नदियां भी उफान पर हैं. खगड़िया और कटिहार में कोसी नदी खतरे के निशान से काफी ऊपर है. गोपालगंज और हाजीपुर में गंडक नदी का जलस्तर बढ़ गया है. इसके अलावा बूढ़ी गंडक और घाघरा नदियां भी लाल निशान से ऊपर बह रही हैं. निचले इलाकों में रहने वाले लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं.
स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार और प्रशासन अलर्ट मोड पर हैं. प्रभावित इलाकों में लोगों की मदद के लिए 693 सरकारी नावों का परिचालन शुरू कर दिया गया है. पानी में घिरे निचले इलाकों से लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है. जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार अभी तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है। तटबंधों पर अधिकारियों को चौबीसों घंटे निगरानी रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं.
