लाइव सिटीज, भागलपुर: बिहार में नदियों का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है. भागलपुर के राघोपुर में गंगा ने ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि बांध का करीब 250 मीटर हिस्सा तेज धारा की भेंट चढ़ गया. भीषण कटाव के बाद इलाके में संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन और जल संसाधन विभाग ने पूरी ताकत झोंक दी.
हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिलाधिकारी अलंकृता पांडे देर रात खुद कटाव स्थल पर पहुंचीं और मौके पर चल रहे बचाव अभियान का जायजा लिया. डीएम ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से कटाव निरोधी कार्य की प्रगति की जानकारी ली. और जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए.
भागलपुर जिले के सबौर अंचल अंतर्गत इंग्लिश गांव के वार्ड नंबर 3 में गंगा नदी के भीषण कटाव ने तबाही मचा दी है. बताया जा रहा है कि गंगा के कटाव की चपेट में आकर करीब 10 से 12 घर पूरी तरह गंगा नदी में समा गए. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना रविवार की तड़के करीब 2 बजे हुई. अचानक हुए कटाव के कारण कुछ घरों को संभलने या सामान निकालने तक का मौका नहीं मिल पाया.
नेपाल में सैलाब के बाद इंडो-नेपाल सीमा पर स्थित वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से रविवार को 1 लाख 80 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद गंडक नदी उफान पर है. नदी के जलस्तर बढ़ते ही निचले और दियारा इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है. सबसे पहले चकदहवा झंडू टोला, बीन टोली और कान्हा टोला में बाढ़ का पानी प्रवेश करता है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, लगभग तीन महीने तक उन्हें कमर भर पानी में आने-जाने को मजबूर होना पड़ता है. बाढ़ के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है.
