लाइव सिटीज, पटना: बिहार में गंगा के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए रेलवे ने भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। खासकर जमालपुर-भागलपुर रेलखंड के उन हिस्सों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, जहां नदी का पानी रेलवे पुलों और पटरियों के आसपास पहुंच रहा है। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए रेलवे ने कई संवेदनशील स्थानों पर ट्रेनों की गति कम करने का फैसला लिया है।
सामान्य परिस्थितियों में जिन हिस्सों पर ट्रेनें करीब 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं, वहां फिलहाल अधिकतम 30 किलोमीटर प्रति घंटे की नियंत्रित गति लागू की गई है। कुछ स्थानों पर हालात के अनुसार ट्रेनों को 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया जा रहा है। इसका असर ट्रेन के सफर के समय पर पड़ सकता है, लेकिन रेलवे का उद्देश्य किसी भी जोखिम को कम करते हुए परिचालन को सुरक्षित बनाए रखना है।
रेलवे के मुताबिक, बरियारपुर-रतनपुर और लैलख-सबौर के बीच कुछ संवेदनशील हिस्सों में स्पीड कॉशन लगाया गया है। इन स्थानों पर पुल-पुलिया, ट्रैक और उसके आसपास के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। रेलवे कर्मचारी नियमित अंतराल पर ट्रैक का निरीक्षण कर रहे हैं, ताकि पानी के दबाव, मिट्टी के कटाव या ट्रैक से जुड़ी किसी समस्या का समय रहते पता लगाया जा सके।
गंगा के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव के बीच मालदा मंडल ने मानसून पेट्रोलिंग भी तेज कर दी है। जमालपुर-भागलपुर रेलखंड पर रेलकर्मियों की टीमें अलग-अलग शिफ्ट में संवेदनशील इलाकों की निगरानी कर रही हैं। पुलों और रेलवे ट्रैक के अलावा आसपास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर भी नजर रखी जा रही है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल इस रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन जारी है, लेकिन सुरक्षा को लेकर किसी तरह का जोखिम नहीं लिया जा रहा। जलस्तर और ट्रैक की स्थिति में बदलाव आने पर गति प्रतिबंध को आगे भी बदला जा सकता है।बिहार में बाढ़ की स्थिति का असर रेल परिचालन के दूसरे हिस्सों पर भी पड़ा है। बढ़ते जलस्तर और पुलों की सुरक्षा को देखते हुए कुछ ट्रेनों को रद्द करने और कुछ के मार्ग में बदलाव जैसे कदम भी उठाए गए हैं।
