लाइव सिटीज, आरा: कोइलवर में सोन नदी पर बनने वाले देश के दूसरे चार लेन रेल पुल का रास्ता साफ हो गया है. पूर्व मध्य रेलवे की प्रस्तावित इस महत्वपूर्ण योजना को रेलवे बोर्ड ने मंजूरी दे दी है. बोर्ड से स्वीकृति मिलने के बाद योजना की रिपोर्ट भी तैयार कर ली गयी है. पूर्व मध्य रेलवे की ओर से जांच रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को सौंप दी गयी है. प्रस्तावित पुल के निर्माण पर करीब 3500 से 4000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है.
प्रस्तावित चार लेन रेल पुल का निर्माण मौजूदा कोइलवर पुल के समानांतर किया जायेगा. नया पुल बनने के बाद पुराने और नये पुल को मिलाकर रेल यातायात के लिए कुल चार लाइन उपलब्ध होंगी. इससे एक समय में अप और डाउन दिशा में तीन-तीन ट्रेनों की आवाजाही संभव हो सकेगी. वर्तमान में कोइलवर पुल पर दो रेल लाइन हैं, जिसके कारण एक समय में अप और डाउन लाइन पर एक-एक ट्रेन ही संचालित की जाती है.
हावड़ा-पटना-डीडीयू रेलखंड पर ट्रेनों का दबाव काफी अधिक है. दो लाइन होने के कारण ट्रेनों को एक-एक कर पुल से गुजारा जाता है. इस वजह से कई बार अप और डाउन दिशा की ट्रेनों को दानापुर या बिहटा स्टेशन के आसपास रोकना पड़ता है. इससे पीछे से आने वाली अन्य ट्रेनों का परिचालन भी प्रभावित होता है और उनके समय पालन पर असर पड़ता है.
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, नया पुल बनने से इस रेलखंड पर ट्रेनों की आवाजाही सुगम होगी. डीडीयू से पटना होते हुए हावड़ा तक ट्रेनों की गति बढ़ाने में भी मदद मिलेगी. प्रस्ताव के अनुसार, बुनियादी ढांचे में सुधार के बाद ट्रेनों को करीब 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाने की दिशा में भी काम किया जा सकेगा.
रेलवे की ओर से डीडीयू से झाझा तक तीसरी और चौथी रेल लाइन के निर्माण की योजना पर भी काम किया जा रहा है. इसी क्रम में कोइलवर स्थित सोन नदी पर अतिरिक्त रेल पुल का प्रस्ताव तैयार कर रेलवे बोर्ड को भेजा गया था. रेलवे बोर्ड की मंजूरी के बाद अब इसे केंद्रीय कैबिनेट की स्वीकृति के लिए भेजा जायेगा.
पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने बताया कि रेलवे बोर्ड से पुल निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गयी है. अब प्रस्ताव केंद्रीय कैबिनेट को भेजा जायेगा. कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी. उन्होंने कहा कि पुल के निर्माण से ट्रेनों की गति बढ़ाने और रेल परिचालन को अधिक सुचारु बनाने में मदद मिलेगी.
