लाइव सिटीज, बक्सर: बक्सर के सांसद सुधाकर सिंह ने अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी और पूर्वी चंपारण के जमीन विवाद को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखा है. इस पत्र के जरिए उन्होंने पूरे मामले की जानकारी देते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है. सांसद ने अपने पत्र में प्रशासनिक कार्रवाई, जमीन विवाद और पुलिस की कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं.
सुधाकर सिंह ने बताया कि 3 जुलाई 2026 को वह अपने किसान साथियों के साथ चंपारण गए थे, जिसे सत्याग्रह की धरती और बापू की कर्मभूमि कहा जाता है. उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्वी चंपारण के जिला अधिकारी सौरभ सुमन यादव और अपर समाहर्ता मुकेश कुमार सिन्हा ने महज 85 दिनों के अंदर करीब 95 साल पुरानी जमीन की जमाबंदी रद्द कर दी. यह जमीन वर्षों से किसानों के कब्जे में थी और उस पर उनकी जोत आबाद थी.
सांसद ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि 22 जून को जमीन की मापी कराई गई और अगले ही दिन यानी 23 जून से वहां निर्माण कार्य शुरू करवा दिया गया. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि किसानों की जमीन पर मनोरंजन के लिए वाटर पार्क बनवाने की इतनी तेजी शायद पहली बार देखने को मिल रही है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य का ठेका भले ही कागज पर किसी कंपनी को दिया गया हो, लेकिन असल में काम अधिकारियों के करीबी लोग ही करवा रहे हैं.
