लाइव सिटीज, पटना: बिहार सरकार के खाद्य सुरक्षा एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के मंत्री अशोक चौधरी आज भोजपुर जिले के बिलौटी स्थित दिवंगत भरत भूषण तिवारी के पैतृक गांव पहुंचे। उन्होंने स्वर्गीय भरत भूषण तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी, आशा देवी तथा अन्य परिजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की और उन्हें ढांढस बंधाया।
इस अवसर पर अशोक चौधरी ने कहा कि परिवार इस कठिन समय में धैर्य बनाए रखे तथा सरकार द्वारा कराई जा रही न्यायिक जांच पर पूरा भरोसा रखे। उन्होंने विश्वास दिलाया कि जांच पूरी निष्पक्षता से होगी और जो भी दोषी होंगे, उनके विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसी भी निर्दाेष के साथ अन्याय नहीं होने देगी।
चौधरी ने दिवंगत भरत तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी से बातचीत के दौरान कहा कि वे परिवार के दुख और पीड़ा को भली-भांति समझते हैं। साथ ही उन्होंने अपील की कि इस दुखद घटना को लेकर मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी के विरुद्ध अपमानजनक अथवा असंसदीय भाषा का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री एवं जद(यू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के नेतृत्व में वर्षों की मेहनत से 118 नरसंहार का बिहार, आज हिंसा और भय के दौर से निकलकर विकास एवं सुशासन की दिशा में आगे बढ़ा है, जिसे हर हाल में बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। बिहार ने लंबे संघर्ष के बाद शांति और विकास का वातावरण प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य सरकार कानून के शासन और सामाजिक सौहार्द के प्रति प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर उन्होंने महात्मा गांधी के विचार “ईश्वर का कोई धर्म नहीं” तथा भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रेरक वाक्य “जीवन लंबा नहीं, महान होना चाहिए” का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज को न्याय, सद्भाव और मानवीय मूल्यों के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने श्री नीतीश कुमार के कथन “पूरा बिहार मेरा परिवार” का भी उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक नागरिक के सुख-दुख में उसके साथ खड़ी है।
इस दौरान महावीर चौधरी फाउंडेशन के सचिव सैयद सलमान हुसैन एवं विधायक श्री अरुण मांझी ने महावीर चौधरी फाउंडेशन की ओर से दिवंगत भरत भूषण तिवारी के परिजनों को पाँच लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की।
इसके उपरांत मंत्री अशोक चौधरी अपने सहयोगियों के साथ जवईनिया गांव पहुंचे, जहां उन्होंने स्थानीय दलित एवं महादलित विस्थापित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके सामाजिक एवं आर्थिक मुद्दों को समझने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि इन परिवारों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से उनकी बात रखी जाएगी।
इस अवसर पर विधायक अरुण मांझी, शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन सैयद सलमान हुसैन, बिहार राज्य नागरिक परिषद के महासचिव अरविंद कुमार सिंह (छोटू सिंह), अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य रुबेल रविदास, जद(यू) नेता परिमल राज, राजेश तिवारी, मनीष सिंह, राजेश त्यागी, पंकज सिंह, उप प्रमुख डुल सिंह, सनोज सिंह, प्रिंस बजरंगी, अंजनी कुमार, निर्भय कुमार गुड्डू, दीपक निषाद, मनोरंजन गिरी, शिवशंकर निषाद, तारिक रहमान बॉबी, संतोष कुमार सिंह (बिक्रम), सनोज सिंह सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
