लाइव सिटीज, पटना: बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में सरकार के अलग-अलग विभागों से जुड़े कुल 27 एजेंडों पर चर्चा के बाद मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसलों के जरिए प्रशासनिक कामकाज, सरकारी योजनाओं और विभिन्न विभागों से संबंधित प्रस्तावों को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है।मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई इस बैठक को सरकार के कामकाज के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कैबिनेट बैठक में विभागों की ओर से रखे गए प्रस्तावों पर विस्तार से विचार किया गया और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद कई निर्णयों को स्वीकृति प्रदान की गई।
27 प्रस्तावों पर लगी मुहर
बैठक में कुल 27 एजेंडों को मंजूरी मिलने के बाद अब संबंधित विभाग इन फैसलों को लागू करने की दिशा में आगे की कार्रवाई करेंगे। कैबिनेट की मंजूरी के बाद जिन प्रस्तावों को प्रशासनिक या वित्तीय स्वीकृति की जरूरत होगी, उनकी प्रक्रिया भी संबंधित विभागों के स्तर पर पूरी की जाएगी।
सरकार की ओर से कैबिनेट में रखे जाने वाले प्रस्तावों में आमतौर पर प्रशासनिक व्यवस्था, विकास कार्य, विभागीय योजनाएं, वित्तीय प्रावधान, कर्मचारियों से जुड़े मामले और अन्य नीतिगत विषय शामिल होते हैं। हालांकि, प्रत्येक निर्णय का वास्तविक असर उसके आधिकारिक आदेश और विभागीय अधिसूचना जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
1. बेगूसराय में 700 एकड़ में बनेगा औद्योगिक क्षेत्र
कैबिनेट ने बेगूसराय के बरौनी अंचल स्थित मल्हीपुर मौजा की करीब 700 एकड़ जमीन उद्योग विभाग को हस्तांतरित करने की मंजूरी दी है। इस जमीन पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा। इससे जिले में नए उद्योगों के लिए बड़ा भू-क्षेत्र उपलब्ध होगा।
2. सीतामढ़ी में 110.42 करोड़ का रेलवे ओवरब्रिज
सीतामढ़ी जिले में परसौनी और सीतामढ़ी रेलवे स्टेशनों के बीच लेवल क्रॉसिंग संख्या 56 को हटाकर ROB यानी रोड ओवरब्रिज बनाने की स्वीकृति दी गई है। परियोजना की अनुमानित लागत 110.42 करोड़ रुपये है। इसमें राज्य सरकार की हिस्सेदारी करीब 100.50 करोड़ और रेलवे की हिस्सेदारी लगभग 9.93 करोड़ रुपये होगी।
3. अरवल में मेडिकल कॉलेज-अस्पताल के लिए 25 एकड़ जमीन
अरवल जिले के करपी अंचल में करीब 25 एकड़ जमीन स्वास्थ्य विभाग को स्थायी रूप से देने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। इस जमीन पर सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के निर्माण की योजना है।
4. स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना पांच साल और जारी
बिहार के विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए कैबिनेट ने बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी है। योजना के तहत विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए अधिकतम 4 लाख रुपये तक शिक्षा ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था जारी रहेगी।
5. नगर निकायों के लिए 9,169 करोड़ रुपये
16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर वर्ष 2026-27 से 2030-31 के बीच राज्य के नगर निकायों को बेसिक और परफॉर्मेंस ग्रांट के रूप में कुल 9,169 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है।
6. पटना में नेहरू पथ का होगा चौड़ीकरण
नई राजधानी पथ परियोजना के तहत डाकबंगला चौराहे से रुकनपुरा तक नेहरू पथ के चौड़ीकरण को मंजूरी दी गई है। इस काम की अनुमानित लागत करीब 39.80 करोड़ रुपये रखी गई है।
7. बिहार राज्य बकरी पालक सहकारी परिसंघ बनेगा
सात निश्चय-3 के तहत बिहार राज्य बकरी पालक सहकारी परिसंघ के गठन और इससे जुड़ी योजना को मंजूरी दी गई है। तीन वित्तीय वर्षों 2026-27, 2027-28 और 2028-29 के लिए इसकी अनुमानित लागत करीब 14.79 करोड़ रुपये बताई गई है।
8. बछिया-पाड़ी पालन केंद्र स्थापित होंगे
राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत राज्य में बछिया-पाड़ी पालन केंद्र स्थापित करने के लिए करीब 73.47 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी मिली है। इसमें केंद्र सरकार से मिलने वाला अनुदान और राज्य सरकार की योजना मद की राशि शामिल होगी।
9. सीवान के मैरवा में नया ग्रिड उपकेंद्र
सीवान जिले के मैरवा में करीब 7.44 एकड़ जमीन पर ग्रिड उपकेंद्र स्थापित करने के लिए भूमि हस्तांतरण को मंजूरी दी गई है। इसके लिए करीब 3.15 करोड़ रुपये के भुगतान की स्वीकृति दी गई है।
10. मुजफ्फरपुर के गायघाट में ग्रिड सबस्टेशन
मुजफ्फरपुर के गायघाट में करीब 3.15 एकड़ जमीन पर 132/33 केवी ग्रिड उपकेंद्र बनाने के लिए भूमि हस्तांतरण को मंजूरी दी गई है। जमीन के लिए लगभग 1.98 करोड़ रुपये भुगतान किए जाएंगे।
11. बिहार संग्रहालय और पटना संग्रहालय के संचालन के लिए राशि
कैबिनेट ने बिहार संग्रहालय और पटना संग्रहालय के संचालन के लिए 40 करोड़ रुपये की सहायता राशि देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।
12. दिव्यांगजनों के लिए दो नए आसरा गृह
दिव्यांगजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पूर्णिया और गया में 50-50 क्षमता वाले दो आसरा गृह स्थापित करने का फैसला लिया गया है।
13. ई-कैबिनेट प्रणाली के लिए 2.75 करोड़
सरकारी कामकाज को डिजिटल बनाने की दिशा में ई-कैबिनेट प्रणाली के लिए करीब 2.75 करोड़ रुपये खर्च करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है।
14. मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना आगे बढ़ेगी
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना को वित्तीय वर्ष 2030-31 तक जारी रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों को आगे बढ़ाना है।
फैसलों का असर
बुधवार की बैठक में लिए गए फैसलों को देखें तो सरकार ने अलग-अलग क्षेत्रों को एक साथ कवर करने की कोशिश की है। औद्योगिक क्षेत्र के लिए जमीन उपलब्ध कराने का फैसला जहां निवेश और औद्योगिक गतिविधियों से जुड़ा है, वहीं ROB और सड़क चौड़ीकरण के फैसले परिवहन व्यवस्था को बेहतर करने से जुड़े हैं।
इसी तरह स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को पांच साल आगे बढ़ाने से उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता की व्यवस्था जारी रहेगी। स्वास्थ्य क्षेत्र में अरवल मेडिकल कॉलेज-अस्पताल के लिए जमीन उपलब्ध कराने का फैसला भी महत्वपूर्ण है।ऊर्जा क्षेत्र में सीवान और मुजफ्फरपुर में ग्रिड उपकेंद्रों के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। दूसरी ओर बकरी पालन और पशुपालन से जुड़ी योजनाओं के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया है।
