लाइव सिटीज, पटना: बिहार में भवन निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाने की दिशा में सरकार ने कवायद तेज कर दी है। इसी क्रम में सोमवार को सिंचाई भवन स्थित कार्यालय में बिहार भवन उपविधि-2026 के प्रारूप पर गठित उच्चस्तरीय मंत्रियों के समूह (GoM) की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने की। इसमें प्रस्तावित भवन उपविधि के अलग-अलग प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि भवन निर्माण से संबंधित नियम और नियामक प्रक्रियाएं ऐसी हों, जिन्हें आम नागरिक आसानी से समझ और पूरा कर सकें। इसके लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाने, पारदर्शिता बढ़ाने और अनावश्यक जटिलताओं को कम करने से जुड़े सुझावों पर भी विचार किया गया।
नक्शे की वैधता से जुड़े प्रावधानों पर भी चर्चा
बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि नक्शे की वैधता से संबंधित प्रावधानों में प्रस्तावित बदलाव आम लोगों के लिए उपयोगी साबित होंगे। उन्होंने कहा कि विभिन्न हितधारकों की ओर से दिए गए व्यावहारिक और सकारात्मक सुझावों को शामिल करने से बिहार भवन उपविधि-2026 को अधिक प्रभावी और जनोपयोगी बनाया जा सकेगा।
उन्होंने भवन निर्माण से संबंधित नियमों को समय के अनुरूप बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया, ताकि नागरिकों को अनावश्यक प्रक्रियाओं से गुजरना न पड़े और व्यवस्था अधिक सुगम बन सके।
बैठक में कई विभागों के मंत्री रहे मौजूद
मंत्रियों के समूह की इस बैठक में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग सह ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री श्रवण कुमार, सहकारिता विभाग के मंत्री राम कृपाल यादव, नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा तथा लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के मंत्री संजय कुमार सिंह मौजूद रहे।
नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से बिहार भवन उपविधि-2026 के प्रस्तावित प्रारूप और इसमें किए जाने वाले प्रावधानों की विस्तृत जानकारी मंत्रियों के समक्ष रखी। इसके बाद प्रस्तावित नियमों के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया।
Ease of Doing Business और Ease of Living पर फोकस
नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि बिहार भवन उपविधि-2026 का उद्देश्य राज्य में Ease of Doing Business और Ease of Living को बेहतर बनाना है। उन्होंने कहा कि भवन निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान बनाने के साथ नागरिकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित व्यवस्था के तहत अनावश्यक नियमों और प्रक्रियाओं को कम करने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही भवन निर्माण की अनुमति से जुड़ी प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है।
नागरिक-केंद्रित व्यवस्था बनाने पर जोर
नीतीश मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सुनियोजित, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित विकास के विजन के अनुरूप बिहार भवन उपविधि-2026 को तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य भवन निर्माण से जुड़े नियमों को सरल बनाकर आम नागरिकों के लिए प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाना है।
बैठक में भवन निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं को समयानुकूल बनाने, नियमों में पारदर्शिता लाने और नागरिकों को बेहतर सुविधा देने से संबंधित कई पहलुओं पर चर्चा हुई। मंत्रियों के समूह ने प्रस्तावित प्रावधानों पर सुझावों और अनुशंसाओं को भी देखा।
आगे की प्रक्रिया में सुझावों को किया जाएगा शामिल
बैठक में इस बात पर भी विचार किया गया कि बिहार भवन उपविधि-2026 को अधिक व्यावहारिक और नागरिक-केंद्रित कैसे बनाया जाए। भवन निर्माण की अनुमति से लेकर संबंधित नियामक प्रक्रियाओं तक अनावश्यक जटिलताओं को कम करने और व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्राप्त सुझावों पर मंथन किया गया।बैठक में नगर विकास एवं आवास विभाग के वरीय पदाधिकारियों सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे। सरकार की ओर से प्रस्तावित भवन उपविधि में सरलता, पारदर्शिता और जनसुविधा को प्रमुख आधार बनाने पर जोर दिया गया है।
