लाइव सिटीज, पटना: बिहार के शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार को लेकर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने सख्त संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग कोई सामान्य मंत्रालय नहीं है, बल्कि यह सरस्वती माता का मंत्रालय है। यहां काम करने वाले हर व्यक्ति की प्राथमिकता शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना और विद्यार्थियों के भविष्य को संवारना होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि दीपावली के दिन लक्ष्मी माता का पूजन करना होता है, लेकिन बाकी 364 दिन हमें सरस्वती माता की आराधना करनी चाहिए। शिक्षा मंत्री के इस बयान को शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा संदेश माना जा रहा है।
मिथिलेश तिवारी ने कहा कि अगर शिक्षा विभाग के पदाधिकारी और कर्मचारी अपने काम को सेवा और जिम्मेदारी की भावना से करेंगे, तभी बिहार की शिक्षा व्यवस्था में वास्तविक बदलाव आएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वालों का उद्देश्य धन अर्जित करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और सही दिशा देना होना चाहिए।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग को लेकर सरकार की जिम्मेदारी बहुत बड़ी है। राज्य में करीब दो करोड़ छात्रों को सही मार्गदर्शन देने और करीब छह लाख शिक्षकों को सही तरीके से संचालित करने का दायित्व शिक्षा विभाग के पास है। ऐसे में विभाग के भीतर भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने अधिकारियों से अपील करते हुए कहा कि विभाग को जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में काम करने वाले अधिकारियों को अपने आचरण और कार्यशैली से ऐसा उदाहरण पेश करना चाहिए, जिससे आम लोगों का भरोसा सरकारी व्यवस्था पर और मजबूत हो।
