लाइव सिटीज, पटना: बिहार में औद्योगिक निवेश को गति देने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद सचिवालय की 123वीं बैठक में कुल 56 निवेश परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इन परियोजनाओं से जुड़े प्रस्तावों की कुल राशि करीब 1407 करोड़ रुपये है। बैठक में निवेश प्रक्रिया को आसान बनाने और कारोबारियों को मंजूरी से जुड़ी प्रक्रिया में कम से कम परेशानी हो, इस पर भी चर्चा हुई।
44 परियोजनाओं को 466.26 करोड़ रुपये का स्टेज-1 क्लियरेंस
बैठक में 44 परियोजनाओं के लिए कुल 466.26 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को स्टेज-1 क्लियरेंस दिया गया। इसके अलावा 12 अन्य परियोजनाओं के लिए 940.82 करोड़ रुपये के वित्तीय प्रोत्साहन को मंजूरी मिली।
इस तरह बैठक में स्वीकृत परियोजनाओं की कुल संख्या 56 रही और इनसे जुड़ी राशि करीब 1407 करोड़ रुपये बैठती है।
उद्योग सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक
राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद सचिवालय की यह बैठक हाइब्रिड मोड में आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता उद्योग सचिव कुंदन कुमार ने की। बैठक में राज्य में नए निवेश को आकर्षित करने के साथ-साथ कारोबार शुरू करने और सरकारी मंजूरियां हासिल करने की प्रक्रिया को और सुगम बनाने से जुड़े प्रस्तावों पर विचार हुआ।
निवेशकों की समस्याओं पर भी हुआ मंथन
बैठक में केवल नए प्रस्तावों को मंजूरी देने तक ही चर्चा सीमित नहीं रही। निवेशकों के सामने आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों की समीक्षा और उनके समाधान के तरीकों पर भी विचार किया गया। अधिकारियों ने निवेश से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की जरूरत पर जोर दिया।
कई क्षेत्रों से जुड़े प्रोजेक्ट प्रस्ताव शामिल
बैठक में अलग-अलग कारोबारी और औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े प्रस्तावों पर विचार किया गया। इनमें पैकेजिंग, स्टील फैब्रिकेशन, पेपर मिल, डेयरी, फूड प्रोसेसिंग, बेवरेजेज और वेयरहाउसिंग जैसी गतिविधियों से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं।
प्रमुख प्रस्तावों में एमवीएस पैकेजिंग, धनवी स्टील फैब्रिकेशंस, शांता मणि पेपर मिल्स, मिल्कवेल डेयरी, कात्यायनी डेयरी एंड एग्रो, सिंहजी फूड्स, एसएलएमजी बेवरेजेज और नारायण एंड मुनेश्वर वेयरहाउसिंग सॉल्यूशंस जैसी परियोजनाओं का उल्लेख किया गया है।
रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद
राज्य में नए निवेश प्रस्तावों को मंजूरी मिलने से औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार का रास्ता खुल सकता है। परियोजनाओं के जमीन पर उतरने के साथ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। हालांकि वास्तविक रोजगार और निवेश का असर परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।
सरकार की ओर से निवेश प्रक्रिया को सरल बनाने और कारोबारियों की समस्याओं का समाधान करने पर जोर दिए जाने के बीच 56 परियोजनाओं की मंजूरी को बिहार में औद्योगिक निवेश से जुड़ा अहम कदम माना जा रहा है।
