लाइव सिटीज, पटना: बिहार की सत्ता के बाद सदन से भी दो दशक बाद ‘नीतीश युग’ अंत हो जाएगा। आज जेडीयू की मीटिंग है, जिसमें पार्टी अपना नया नेता और उपनेता चुनेगी। अब नीतीश कुमार बिहार के किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं तो विधायी कार्य के लिए ये चुनाव जरूरी है। बिहार की सत्ता के केंद्र रहे नीतीश कुमार अब राज्यसभा के सांसद हैं। बीजेपी के सम्राट चौधरी राज्य के नए मुख्यमंत्री हैं।
करीब 20 साल के लंबे ‘नीतीश युग’ के समापन के बाद अब जनता दल (यूनाइटेड) में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सोमवार को होने वाली विधानमंडल दल की बैठक में पार्टी के सभी विधायक और विधान पार्षद जुटेंगे। ये बैठक न केवल पार्टी का नया चेहरा तय करेगी, बल्कि 24 अप्रैल को होने वाले विश्वास मत से पहले जदयू की एकजुटता का प्रमाण भी होगी। राज्य की बागडोर भाजपा के हाथों में जा चुकी है।
नीतीश कुमार के स्वेच्छा से पद छोड़ने के बाद अब जदयू में उनके उत्तराधिकारी को लेकर चर्चाएं तेज हैं। बैठक में विधानमंडल दल के नेता और उपनेता का चयन किया जाएगा। वर्तमान में विधानसभा में जदयू के 85 विधायक हैं।
