लाइव सिटीज, पटना: मोकामा के विधायक अनंत सिंह को जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने और उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की अनुशंसा को लेकर बिहार की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है. इस मामले पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद सुधाकर सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि पार्टी से निष्कासन और विधानसभा की सदस्यता समाप्त करने की अनुशंसा का अनंत सिंह पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा.
राजद सांसद सुधाकर सिंह ने कहा है कि, इसका अनंत सिंह पर कोई असर नहीं पड़ेगा. उन्होंने कहा कि बिहार में राजनीतिक हालात ऐसे हैं कि, अनंत सिंह की उपयोगिता बनी रहेगी. यहां राजनीतिक दल अस्थाई हैं, जबकि अनंत सिंह स्थाई हैं. ऐसे लोग दल बदलते रहते हैं, लेकिन राजनीति में बने रहते हैं.
सुधाकर सिंह ने कहा कि अनंत सिंह अगर किसी दल के साथ नहीं हैं, तो भी उनके साथ बहुत लोग हैं. इस बार विधान परिषद चुनाव के दौरान भी वह जनसुराज के साथ घूम रहे थे. जनसुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह के लिए प्रचार कर रहे थे. बिहार में कई राजनीतिक दल हैं और मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में बहुत सारे दल अनंत सिंह का इंतजार कर रहे होंगे.
सुधारकर सिंह ने यह संभावना भी जताई कि हो सकता है कि, जनसुराज के साथ अनंत सिंह की बात बन गई हो. अनंत सिंह की ताकत को लेकर पूछे गए सवाल पर सुधाकर सिंह ने कहा कि, वाकई वह ताकतवर हैं, क्योंकि लोकतंत्र में वह चुने हुए प्रतिनिधि हैं.जो लोग भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास रखते हैं, वह जनता की चुने हुए प्रतिनिधि को कमजोर नहीं कह सकते. ऊपर से वह निर्दलीय चुनाव जीतकर आते हैं. जनता ने उन्हें ताकत भी दी है. चुनाव जीतकर आने वाला हर जनप्रतिनिधि ताकतवर होता है.
सुधाकर सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी निशाना साधा. उन्होंने दावा किया कि नीतीश कुमार मानसिक रूप से बीमार हैं, हालांकि शारीरिक रूप से ठीक हैं. उनके अनुसार, इसी वजह से पार्टी पर उनकी पकड़ खत्म हो गई है और जदयू अब समाप्ति की ओर बढ़ रही है. सुधाकर सिंह ने कहा कि अनंत सिंह ने भी सही कहा है, कि जदयू समाप्ति के कगार पर है.
