लाइव सिटीज, पटना: बिहार में एमएलसी चुनाव को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच जदयू विधायक अनंत सिंह चुनाव प्रचार के लिए मैदान में उतर गए हैं। वह जनसुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं और लोगों से उनके पक्ष में मतदान करने की अपील कर रहे हैं। प्रचार के दौरान अनंत सिंह ने जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार को लेकर भी तीखी टिप्पणी की और उनकी जमानत जब्त होने का दावा किया।
अनूप सिंह के समर्थन में मांग रहे वोट
अनंत सिंह ने चुनाव प्रचार के दौरान जनता को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि जनता ही उनकी मालिक और भगवान है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी पसंद के उम्मीदवार को वोट दें। अनंत सिंह का कहना है कि वह अनूप सिंह के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं और चुनाव में जनता का फैसला सबसे महत्वपूर्ण होगा।
नीरज कुमार पर साधा निशाना
चुनाव प्रचार के दौरान अनंत सिंह ने जदयू नेता नीरज कुमार को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने नीरज कुमार की जमानत जब्त होने की बात कही। उनके बयान से साफ है कि पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर राजनीतिक खींचतान तेज हो गई है। हालांकि, नीरज कुमार की जमानत जब्त होने का दावा अनंत सिंह का राजनीतिक बयान है, इसे चुनाव परिणाम नहीं माना जा सकता।
निशांत कुमार के प्रचार में उतरने पर उठाए सवाल
अनंत सिंह ने निशांत कुमार के चुनाव प्रचार में उतरने को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यह छोटा सा चुनाव है और इसमें निशांत कुमार को प्रचार के लिए नहीं जाना चाहिए था। उनके इस बयान से चुनाव को लेकर जदयू के भीतर और बाहर चल रही राजनीतिक चर्चा को नया मुद्दा मिल गया है।
जदयू नेताओं की दूरी पर भी बोले अनंत सिंह
जब अनंत सिंह से पूछा गया कि जदयू के कई नेता उनसे दूरी बनाए हुए हैं, तो उन्होंने कहा कि इससे उन्हें कोई परेशानी नहीं है। उन्होंने बेफिक्र अंदाज में अपनी बात रखी और संकेत दिया कि वह अपने चुनाव प्रचार में लगे रहेंगे।
गोली चलाने वाले बयान पर भी चर्चा
बातचीत के दौरान गोली चलाने को लेकर भी सवाल सामने आया। इस पर अनंत सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया दी। हालांकि, उपलब्ध बातचीत के आधार पर इस टिप्पणी का पूरा संदर्भ स्पष्ट नहीं है, इसलिए इसे किसी खास व्यक्ति के खिलाफ धमकी के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।
कुल मिलाकर, अनंत सिंह के अनूप सिंह के पक्ष में प्रचार करने और नीरज कुमार पर निशाना साधने से पटना स्नातक सीट का चुनावी मुकाबला चर्चा में आ गया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि मतदाता किस उम्मीदवार के पक्ष में अपना फैसला सुनाते हैं।
