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बिहार में फिर बाढ़ का खतरा! नेपाल की बारिश से बढ़ा गंडक का दबाव, वाल्मीकिनगर बराज से भारी मात्रा में पानी छोड़ा गया

लाइव सिटीज, पटना: नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर बिहार की नदियों पर दिखाई देने लगा है। खासकर गंडक नदी के जलस्तर और प्रवाह में तेजी से बढ़ोतरी ने उत्तर बिहार के कई इलाकों में बाढ़ की चिंता बढ़ा दी है। वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज से पानी का डिस्चार्ज लगातार बढ़ रहा है। उपलब्ध ताजा रिपोर्टों के मुताबिक शनिवार को बराज से करीब 2.67 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जबकि जल संसाधन विभाग ने आगे और बढ़ोतरी की आशंका जताई है।

नेपाल की बारिश से गंडक में बढ़ा पानी

गंडक नदी का जलस्तर मुख्य रूप से नेपाल के पहाड़ी और तराई क्षेत्रों में होने वाली बारिश पर निर्भर करता है। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में भारी बारिश होने के बाद उसका पानी तेजी से गंडक में पहुंचता है। इस वजह से वाल्मीकिनगर बराज पर दबाव बढ़ रहा है और बिहार में नदी के किनारे बसे निचले इलाकों को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है

27 सितंबर तक और बढ़ सकता है जलप्रवाह

जल संसाधन विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार गंडक में पानी की आवक और बढ़ सकती है। एक रिपोर्ट में 27 सितंबर की आधी रात तक वाल्मीकिनगर गंडक बराज पर करीब 3.81 लाख क्यूसेक जलप्रवाह पहुंचने का अनुमान बताया गया है। इसका मतलब है कि नेपाल में बारिश जारी रहने पर बिहार में गंडक के किनारे वाले इलाकों पर दबाव और बढ़ सकता है

इन जिलों में प्रशासन को अलर्ट

नेपाल में बारिश और गंडक, कोसी तथा बागमती नदियों में संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए बिहार सरकार ने संबंधित जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, कटिहार, खगड़िया और बेगूसराय समेत कई जिलों में निगरानी बढ़ाई गई है।

गंडक के साथ कोसी-बागमती पर भी नजर

सिर्फ गंडक ही नहीं, बल्कि कोसी और बागमती नदी के जलस्तर में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। शनिवार को वीरपुर स्थित कोसी बराज पर भी पानी का प्रवाह काफी अधिक रहा। सरकारी निगरानी रिपोर्ट के मुताबिक कोसी का डिस्चार्ज सुबह के समय 3.13 लाख क्यूसेक से अधिक दर्ज किया गया।

अभी लगातार निगरानी, घबराने की जरूरत नहीं

सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक फिलहाल स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों को बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में संसाधन तैयार रखने और प्रशासन, पुलिस, जल संसाधन तथा आपदा प्रबंधन विभाग के बीच समन्वय बनाए रखने को कहा गया है।ऐसे में नेपाल में बारिश का दौर और अगले 24 से 48 घंटे में नदियों के जलप्रवाह में होने वाला बदलाव महत्वपूर्ण रहेगा। गंडक में पानी की आवक बढ़ने पर पश्चिम चंपारण, गोपालगंज और सारण समेत नदी किनारे के इलाकों में दबाव बढ़ सकता है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता तटबंधों की निगरानी और संवेदनशील आबादी को समय रहते अलर्ट करना है।

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