लाइव सिटीज, दरभंगा: बिहार में आय से अधिक संपत्ति के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने दरभंगा के बहादुरपुर प्रखंड के BDO डॉ. आनंद कुमार विभूति के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार को EOU की टीमों ने एक साथ उनके पांच ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान जमीन, मकान, वाहन, बैंक खाते और निवेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज सामने आए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, प्रथमदृष्टया उनकी ज्ञात आय की तुलना में करीब 1.71 करोड़ रुपये की अतिरिक्त संपत्ति का मामला सामने आया है।
पांच ठिकानों पर एक साथ पहुंची EOU की टीम
EOU ने BDO आनंद कुमार विभूति से जुड़े दरभंगा, मुजफ्फरपुर, पटना और पूर्वी चंपारण के ठिकानों को जांच के दायरे में लिया। इनमें दरभंगा का सरकारी कार्यालय और आवास, मुजफ्फरपुर के अहियापुर स्थित निजी आवास, पटना के दानापुर क्षेत्र का फ्लैट और पूर्वी चंपारण के चिरैया क्षेत्र में पैतृक आवास शामिल बताए गए हैं।जांच टीमों ने अलग-अलग परिसरों में पहुंचकर संपत्ति के कागजात, बैंकिंग रिकॉर्ड, निवेश से संबंधित दस्तावेज और दूसरे वित्तीय रिकॉर्ड खंगाले।
16 जमीनों के दस्तावेज ने बढ़ाई जांच की गंभीरता
छापेमारी के दौरान मुजफ्फरपुर स्थित निजी आवास से 16 भूखंडों से जुड़े दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसी के अनुसार, इनमें कुछ जमीनें BDO और उनके परिजनों के नाम पर हैं, जबकि कुछ भूखंड दूसरे लोगों के नाम पर खरीदे जाने की बात सामने आई है।
इन जमीनों की वास्तविक कीमत, खरीद के समय भुगतान की गई रकम और इनके लिए धन का स्रोत क्या था, इसकी जांच अब EOU कर रही है। जमीनों की वैल्यूएशन के बाद कथित संपत्ति का वास्तविक आंकड़ा और स्पष्ट हो सकता है।
करीब 70 लाख रुपये के म्यूचुअल फंड निवेश का भी रिकॉर्ड
तलाशी के दौरान टीम को म्यूचुअल फंड में निवेश से संबंधित दस्तावेज भी मिले हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, करीब 70 लाख रुपये के म्यूचुअल फंड निवेश के साक्ष्य जांच एजेंसी के हाथ लगे हैं।इसके अलावा बीमा पॉलिसियों से जुड़े कागजात भी मिले हैं। बताया गया है कि विभिन्न बीमा कंपनियों में हर साल करीब डेढ़ लाख रुपये प्रीमियम का भुगतान किया जा रहा था। EOU अब इन निवेशों का मिलान BDO की वैध आय और वित्तीय रिकॉर्ड से करेगी।
चार महंगी गाड़ियां भी जांच के घेरे में
जांच के दौरान BDO से जुड़ी चार महंगी गाड़ियों की जानकारी भी सामने आई है। इनमें इनोवा क्रिस्टा और स्कॉर्पियो जैसी गाड़ियां शामिल बताई गई है।EOU यह पता लगाने में जुटी है कि इन वाहनों की खरीद कब और किस रकम से हुई। साथ ही इनके भुगतान का स्रोत और संबंधित वित्तीय दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
पैतृक मकान पर भी लाखों रुपये खर्च का आकलन
पूर्वी चंपारण के चिरैया क्षेत्र स्थित पैतृक आवास को भी जांच टीम ने खंगाला। यहां मकान के निर्माण और उससे जुड़े खर्च की भी पड़ताल की गई। प्रारंभिक आकलन में मकान के निर्माण पर करीब 70 लाख रुपये खर्च होने की जानकारी सामने आई है।
EOU अब यह देख रही है कि मकान के निर्माण में खर्च हुई रकम का स्रोत क्या था और क्या इसका उल्लेख संबंधित वित्तीय रिकॉर्ड में किया गया है।
16 बैंक खातों की भी जानकारी मिली
छापेमारी में BDO और उनके परिजनों से जुड़े विभिन्न बैंकों में 16 खातों की जानकारी मिलने की बात सामने आई है। इन खातों में हुए लेन-देन की जांच एजेंसी द्वारा पड़ताल की जा रही है।
इन खातों को फ्रीज कराने की कार्रवाई भी किए जाने की जानकारी है। इसके अलावा एक बैंक लॉकर का भी पता चला है, जिसकी तलाशी की प्रक्रिया बाकी बताई गई है। लॉकर की जांच के बाद संपत्ति से संबंधित और जानकारी सामने आने की संभावना है।
सोने-चांदी के सामान की खरीद के बिल भी मिले
दरभंगा स्थित आवास की तलाशी के दौरान आभूषणों की खरीद से जुड़े बिल और दस्तावेज भी मिले। इनमें ब्रांडेड ज्वेलरी की खरीद से संबंधित कागजात शामिल होने की जानकारी सामने आई है।जांच एजेंसी इन बिलों और भुगतान के रिकॉर्ड को भी अपनी जांच का हिस्सा बना रही है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि आभूषणों पर खर्च की गई रकम का स्रोत क्या था।
12 साल की सरकारी सेवा में संपत्ति जुटाने का आरोप
आनंद कुमार विभूति वर्ष 2014 के आसपास सरकारी सेवा में आए थे और उन्होंने BPSC की 53वीं से 55वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के जरिए अधिकारी के रूप में सेवा शुरू की थी। इस दौरान उन्होंने पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और दरभंगा सहित कई जगहों पर काम किया।करीब 12 साल के सेवाकाल के दौरान अर्जित संपत्ति को लेकर अब EOU उनकी आय और संपत्तियों का विस्तृत मिलान कर रही है।
आय से 121 फीसदी से ज्यादा संपत्ति का आरोप
EOU की ओर से दर्ज मामले के अनुसार, आनंद कुमार विभूति पर उनकी आय के ज्ञात स्रोतों की तुलना में करीब 1 करोड़ 71 लाख 84 हजार रुपये अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। यह अंतर ज्ञात आय का करीब 121.87 प्रतिशत बताया गया है।
हालांकि यह जांच का प्रारंभिक निष्कर्ष है। अंतिम तौर पर कितनी संपत्ति आय से अधिक पाई जाती है, यह विस्तृत जांच, दस्तावेजों के सत्यापन और संपत्तियों के मूल्यांकन के बाद ही स्पष्ट होगा।
छापेमारी के दौरान BDO की गैरमौजूदगी भी चर्चा में
दरभंगा स्थित किराए के आवास पर जब EOU की टीम पहुंची, उस समय BDO वहां मौजूद नहीं थे। रिपोर्टों के अनुसार, उनकी पत्नी की मौजूदगी में टीम ने तलाशी की। टीम ने अधिकारी को उपस्थित होने के लिए कहा था, लेकिन वे नहीं पहुंच।फिलहाल एजेंसी उनकी संपत्तियों, बैंक खातों और निवेश से संबंधित सभी दस्तावेजों को एक साथ जोड़कर जांच आगे बढ़ा रही है।
