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शराबबंदी के बाद अब नशामुक्ति पर जोर, गांव-गांव चलेगा जागरूकता अभियान; सम्राट चौधरी ने बताई सरकार की नई रणनीति

लाइव सिटीज, पटना: बिहार में शराबबंदी को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी के बाद भी कुछ लोग शराब का सेवन कर रहे हैं, वहीं सूखे नशे की समस्या भी सामने आ रही है। ऐसे में अब सरकार का फोकस सिर्फ शराबबंदी लागू करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नशामुक्ति अभियान को भी तेज किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है, ताकि लोगों को नशे से होने वाले नुकसान के बारे में बताया जा सके। साथ ही, जो लोग नशे की गिरफ्त में हैं, उन्हें इससे बाहर निकालने के लिए नशामुक्ति अभियान को और प्रभावी बनाया जाएगा।

बिहार में नशे के खिलाफ अभियान को और तेज करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीविका की दीदियां पहले से ही जागरूकता अभियान चला रही हैं और अब इस अभियान को और व्यापक बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि करीब 112 जगहों पर ग्रामीण स्तर पर काम किए जा रहे हैं और लखपति दीदी अभियान भी चल रहा है। वहीं, नशामुक्ति अभियान को आगे बढ़ाने के लिए ब्रह्मकुमारी बहनों के साथ समझौता किया गया है।

उन्होंने कहा कि आगे जीविका दीदियों को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा। गांव-गांव में नुक्कड़ नाटक और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि शराब और दूसरे नशे की गिरफ्त में आए लोगों को नशामुक्ति की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी के बावजूद कुछ लोग स्मैक और दूसरे सूखे नशे का सेवन कर रहे हैं। सरकार इन नशों की समस्या का अध्ययन करेगी और जरूरत के मुताबिक अभियान चलाएगी। नशे से जुड़े अपराधियों पर कानूनी कार्रवाई होगी, लेकिन सरकार का मुख्य उद्देश्य लोगों को नशा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में वापस लाना है।

इसके साथ ही जीविका के माध्यम से 10 लाख बहनों को चिन्हित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिनके घरों में सोलर आधारित बिजली व्यवस्था उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार बिजली पर बड़ी राशि सब्सिडी के रूप में खर्च करती है और सौर ऊर्जा के जरिए लोगों को राहत देने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।

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