लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के करीब दो सप्ताह बाद पहली बार इस मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखी. भुवनेश्वर की जीएम यूनिवर्सिटी में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए प्रधान ने NEET पेपर लीक विवाद और छात्र प्रदर्शनों का जिक्र किया.
प्रधान ने आगे कहा कि Gen-Z हमारे बच्चे हैं. कुछ लोगों ने उन्हें गुमराह करने की कोशिश की. तब मुझे कोई पर्सनल दिक्कत नहीं थी. भारत में हर साल कम से कम दो करोड़ बच्चे पैदा होते हैं. पिछले 10 सालों में 20 करोड़ बच्चे पैदा हुए. उनकी ख्वाहिशें हैं, और वे भारत को ‘विश्व गुरु’ बनाएंगे. यह पद मेरे लिए जरूरी नहीं था.
उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संपर्क किया था और केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा देने की पेशकश की थी. प्रधान ने 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था.
आपको बता दें कि NEET-UG परीक्षा में कथित पेपर लीक और परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्रों का विरोध लगातार हो रहा था.छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, परीक्षा प्रक्रिया में सुधार और जिम्मेदारी तय करने की मांग उठाया था. विरोध-प्रदर्शनों के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी प्रमुखता से सामने आई, जिसके बाद बढ़ते दबाव के बीच 25 जुलाई 2026 को धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंप दिया था.
