लाइव सिटीज, पटना: बिहार में टीचरों को तबादले के लिए नई नीति जल्द ही अमल में लाई जा सकती है। राज्य में कई शिक्षक अभी अपने ट्रांसफर का इंतजार कर रहे हैं। कुछ ही दिनों पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक सार्वजनिक मंच पर कहा था कि एजुकेशन को लेकर राज्य सरकार बेहद गंभीर है और सरकार शिक्षकों का भी ख्याल रखेगी।
सीएम ने कहा था कि टीचर चाहे जहां भी ट्रांसफर लें लेकिन उन्हें बच्चों को तो पढ़ाना ही पड़ेगा।शिक्षा विभाग ने राज्य में शिक्षकों के तबादले के लिए जो नई नीति बनाई है उसमें टीचरों को अब 30 विकल्प मिलेंगे। जिसके बाद अब शिक्षकों का पदस्थापन इन्हीं विकल्पों में से कहीं होगा। यही नहीं पहली बार नई नीति में शिक्षकों के तबादले में मेरिट को भी आधार बनाया जाएगा।
राज्य सरकार ने शिक्षकों के तबादले की नीति को अंतिम रूप दे दिया है। शिक्षा विभाग ने इसकी तैयारी कर ली है। अब इस पर कैबिनेट की मुहर लगनी है। माना जा रहा है कि अगली कैबिनेट बैठक में इस पर मुहर लग जाएगी। कैबिनेट की स्वीकृति के बाद तबादले की नीति के आधार पर शीघ्र शिक्षकों का तबादला किया जाएगा। सरकार की योजना जुलाई में हर हाल में शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया पूरी कर लेने की योजना है।
ताकि सरकारी विद्यालयों में बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि तबादला नीति तैयार है। हम चाहते हैं कि शिक्षक बगैर किसी तनाव के रहें ताकि अध्यापन कार्यों को बेहतर ढंग से निष्पादित कर सकें। वे बच्चों को अच्छे से पढ़ाए, हमारा यही लक्ष्य है। शिक्षा विभाग ने पिछले दिनों शिक्षकों के पदस्थापन और विद्यालयों में उनकी संख्या निर्धारण का मानक तय कर दिया है।
