लाइव सिटीज, पटना: हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) के संरक्षक और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भोजपुर में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर को एक बार फिर न्यायसंगत बताया है। उन्होंने पुलिस कार्रवाई का समर्थन किया और भरत भूषण तिवारी के परिवार की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
मांझी ने कहा कि आए दिन पुलिसकर्मियों पर हमले हो रहे हैं। उन्होंने कहा, “पुलिस मरे तो ठीक है, लेकिन जब पुलिस किसी ऐसे व्यक्ति का एनकाउंटर करती है जो हथियार लेकर खड़ा हो, तो उसे गलत बताया जाता है। जो एनकाउंटर हुआ है, उसे हम जस्टिफाइड मानते हैं।”
उन्होंने भरत भूषण तिवारी के परिवार के उस दावे पर भी सवाल उठाया, जिसमें उसे मानसिक रूप से विक्षिप्त बताया गया था। मांझी ने कहा, “अगर वह विक्षिप्त था तो उसके हाथ में रिवॉल्वर क्यों थी? परिवार को उससे हथियार छीन लेना चाहिए था। इससे लगता है कि परिवार ने स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया।
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि यदि कोई व्यक्ति पुलिस पर पिस्तौल तानता है, तो पुलिस के पास कार्रवाई करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होता। उन्होंने कहा, “अगर वह पुलिसकर्मी को मार देता तो क्या होता? कोई पिस्तौल दिखाएगा तो पुलिस कार्रवाई जरूर करेगी।
