लाइव सिटीज, बक्सर: विश्वामित्र पथ’ को मिली को मंजूरी मिलने के बाद राजकुमार चौबे ने कहा कि सनातन चेतना और विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। संघर्ष की जीत हुई है।विगत लंबे समय से विश्वामित्र सेना द्वारा चलाई जा रही जनजागरण और अधिकारों की यह संघर्ष यात्रा अब निर्णायक रूप लेती दिखाई दे रही है। इसका सशक्त प्रमाण ‘विश्वामित्र पथ’ परियोजना है, जो बक्सर सहित मां गंगा से जुड़े पावन क्षेत्रों को एक नई पहचान और विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त करेगी।
यह हमारे सतत संघर्ष और संकल्प का ही परिणाम है कि आज बक्सर सनातन संस्कृति के मार्ग पर अग्रसर होते हुए विकास की नई कहानी लिख रहा है। ‘विश्वामित्र पथ’ न केवल आवागमन को सुगम बनाएगा, बल्कि गंगा तट के धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व को भी वैश्विक स्तर पर स्थापित करेगा।
राज्य मंत्रिपरिषद द्वारा बक्सर और आरा के बीच 90 किलोमीटर लंबे गंगा पथ परियोजना को मंजूरी देना अत्यंत स्वागत योग्य और ऐतिहासिक निर्णय है। माननीय मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस महत्वाकांक्षी परियोजना को ‘विश्वामित्र पथ’ नाम दिया जाना, हमारे ऋषि-परंपरा और सनातन मूल्यों के सम्मान का प्रतीक है। इस परियोजना के अंतर्गत बक्सर से कोईलवर तक बने तटबंध को बक्सर-आरा-मनेर गंगा पथ के रूप में विकसित किया जाएगा। यह समूचा विकास कार्य क्षेत्र के आर्थिक, पर्यटन और धार्मिक महत्व को नई दिशा देगा।
यह सभी कदम निस्संदेह एक सराहनीय और महत्वपूर्ण प्रारंभिक पहल हैं। लेकिन विश्वामित्र सेना की प्रमुख मांगों में ‘विश्वामित्र कॉरिडोर’ का निर्माण, बक्सर एयरपोर्ट का निर्माण तथा अन्य कई महत्वपूर्ण बिंदु अभी भी शेष हैं। इन मांगों की पूर्ति के लिए हमारा संघर्ष आगे भी निरंतर जारी रहेगा और संगठन पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ सनातन हित एवं क्षेत्रीय विकास के लिए कार्य करता रहेगा।
इस अवसर पर राजकुमार चौबे ने कहा, ‘विश्वामित्र पथ’ को मिली मंजूरी हमारे लंबे संघर्ष की एक महत्वपूर्ण जीत है। यह केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति और हमारी ऋषि परंपरा के गौरव को पुनर्स्थापित करने की दिशा में एक मजबूत कदम है। हम बिहार सरकार के इस निर्णय का हृदय से स्वागत करते हैं। हालांकि, हमारी प्रमुख मांगें जैसे ‘विश्वामित्र कॉरिडोर’ और बक्सर एयरपोर्ट का निर्माण अभी भी शेष हैं। इन मांगों की पूर्ति तक हमारा संघर्ष निरंतर जारी रहेगा और हम जनहित एवं सनातन अस्मिता के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे।
विश्वामित्र सेना के समस्त पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की ओर से बिहार सरकार को इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए हृदय से धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया जाता है। हमें पूर्ण विश्वास है कि यह पहल सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण और क्षेत्रीय विकास के नए अध्याय की शुरुआत सिद्ध होगी।
