लाइव सिटीज, पटना: साइबर क्राइम के शिकार लोगों के लिए आई-4C (Indian Cyber Crime Coordination Centre) ने नया SOP जारी कर दिया है. इसके अनुसार, अब साइबर फ्रॉड से जुड़े छोटे मामलों का निपटारा सीधे बैंक स्तर पर कर दिया जाएगा। इसके लिए सभी बैंकों को ‘प्रिवेंट रिफंड पोर्टल’ कि व्यवस्था की गई है, जहां शिकायत दर्ज होते ही कार्रवाई शुरू हो जाएगी.
हालांकि ये व्यवस्था छोटी ठगी के शिकार लोगों के लिए की गई है.इसके लिए 50 हजार तक की राशि तय की गई है. यानि अब अगर किसी व्यक्ति के साथ 50 हजार रुपये से कम की साइबर ठगी होती है, तो उसे FIR दर्ज कराने या कोर्ट के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी।
नई व्यवस्था के तहत बैंक खुद पीड़ित का पैसा लौटाने की प्रक्रिया पूरी करेग. इस नई व्यवस्था का उद्देश्य पुलिस और कोर्ट पर बढ़ते बोझ को कम करना और पीड़ितों को जल्द राहत देना है.
अब जानिए कि साइबर ठगों के शिकार बने लोगों को क्या करना होगा. साइबर ठगी के शिकार व्यक्ति को 2 घंटे के भीतर हेल्पलाइन नंबर 1930 या वेबसाइट cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करनी होगी.शिकायत दर्ज होते ही बैंक संबंधित खाते को होल्ड करेगा. फिर इस मामले की जांच पड़ताल की जाएगी. जांच के बाद 3 महीने के भीतर पीड़ित को रिफंड मिल सकता है.
