लाइव सिटीज, पटना: सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव करने की तैयारी है। सरकार का फोकस अब सिर्फ स्कूली पढ़ाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी तैयार किया जाएगा। इसी कड़ी में मेधावी छात्रों को JEE, NEET, NDA और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त कोचिंग देने की योजना पर काम किया जा रहा है।
सरकारी स्कूलों में नियमित होगी PTM
सरकारी स्कूलों में अभिभावक-शिक्षक बैठक यानी PTM को भी ज्यादा प्रभावी बनाने की तैयारी है। इसका उद्देश्य अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई, प्रदर्शन और उनकी प्रगति से सीधे जोड़ना है। सरकार की योजना के तहत निजी स्कूलों की तर्ज पर सरकारी स्कूलों में भी नियमित PTM आयोजित की जाएंगी।
स्कूल के बाद मिलेगी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी
योजना के शुरुआती चरण में चुनिंदा सरकारी स्कूलों के मेधावी छात्रों को स्कूल समय के बाद अतिरिक्त कक्षाएं दी जा सकती हैं। इन कक्षाओं में अनुभवी सरकारी शिक्षक छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराएंगे। पायलट प्रोजेक्ट के सफल रहने पर इसे राज्य के दूसरे सरकारी स्कूलों तक भी विस्तार देने की योजना है।
JEE-NEET की तैयारी में मिलेगा फायदा
इस पहल का मकसद आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभाशाली छात्रों को बेहतर अवसर देना है। महंगी निजी कोचिंग का खर्च नहीं उठा पाने वाले छात्रों को स्कूल स्तर पर ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का मौका मिल सकेगा।
सरकार का मानना है कि सरकारी स्कूलों के छात्रों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ उन्हें सही मार्गदर्शन और बेहतर तैयारी का अवसर देने की है। देश के अलग-अलग राज्यों में सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए JEE और NEET जैसी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़े मॉडल पहले से अपनाए जा रहे हैं।
शिक्षा की गुणवत्ता पर भी रहेगा जोर
नई पहल के जरिए सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने, छात्रों की नियमित निगरानी करने और अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। PTM के माध्यम से शिक्षकों और अभिभावकों के बीच संवाद बढ़ेगा, जबकि अतिरिक्त कोचिंग से छात्रों को बोर्ड परीक्षा के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी तैयार करने की कोशिश होगी।
