लाइव सिटीज, पटना: बिहार में एक बार फिर बाढ़ का खतरा गंभीर होता दिखाई दे रहा है। राज्य की कई प्रमुख नदियों में पानी लगातार बढ़ रहा है, जिसके कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है। गंगा, कोसी, पुनपुन, दरधा, गंडक और अन्य नदियों का जलस्तर कई जगहों पर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। हालात को देखते हुए पटना समेत आठ जिलों में प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
पटना में गंगा और पुनपुन ने बढ़ाई चिंता
राजधानी पटना में बाढ़ की स्थिति पर प्रशासन की लगातार नजर बनी हुई है। गंगा का जलस्तर कई प्रमुख घाटों पर खतरे के निशान से काफी ऊपर पहुंच चुका है। दीघा, गांधी घाट और हाथीदह इलाके में नदी का पानी लाल निशान के ऊपर बह रहा है।
इसके साथ ही पुनपुन और दरधा नदी के जलस्तर में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे नदी के आसपास और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए खतरा बढ़ गया है। आने वाले समय में जलस्तर और बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने को कहा गया है।
भागलपुर और खगड़िया में भी बिगड़े हालात
भागलपुर में गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि होने से दियारा क्षेत्र फिर से पानी की चपेट में आने लगे हैं। नाथनगर, नवगछिया और पीरपैंती के निचले इलाकों में पानी पहुंचने से खेतों और चारे को नुकसान की स्थिति बन रही है।खगड़िया में भी स्थिति चिंताजनक है। यहां गंगा के साथ-साथ कोसी, बागमती और बूढ़ी गंडक का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बताया जा रहा है। कई निचले क्षेत्रों में बाढ़ का पानी पहुंचने से लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन अलर्ट, राहत और बचाव की तैयारी
बाढ़ के बढ़ते खतरे को देखते हुए संबंधित जिलों के प्रशासन को लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में तटबंधों और नदियों के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए राहत एवं बचाव की तैयारी भी की जा रही है।
सरकार की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि वे नदी और तटबंध के आसपास अनावश्यक रूप से न जाएं और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें। बाढ़ की स्थिति में अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय आधिकारिक सूचना पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।
आने वाले घंटों में भी नजर रहेगी जलस्तर पर
बिहार में इस समय सबसे बड़ी चिंता नदियों के लगातार बढ़ते जलस्तर को लेकर है। गंगा के अलावा कई अन्य नदियों में भी पानी बढ़ने से बाढ़ का दायरा बढ़ने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में अगले कुछ घंटे प्रशासन और प्रभावित इलाकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लेने के लिए हवाई सर्वेक्षण करने वाले हैं। सरकार और जिला प्रशासन का फोकस फिलहाल लोगों की सुरक्षा, तटबंधों की निगरानी और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत पहुंचाने पर है।बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार बदल रही है। इसलिए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने और प्रशासन की चेतावनी को गंभीरता से लेने की जरूरत है।
