लाइव सिटीज, पटना: बिहार में एक बार फिर नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच बैराजों से छोड़े जा रहे पानी ने चिंता बढ़ा दी है। नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गयी है। बिहार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एरियल सर्वे किया और राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर ट्वीट किया। उन्होंने बताया कि एरियल सर्वे के माध्यम से बिहार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया और राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति की समीक्षा की। प्रभावित क्षेत्रों में आमजन को हरसंभव सहायता समय पर मिले, किसी को कोई परेशानी ना हो तथा जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो, इसके लिए अधिकारियों को त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।
जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सोन बैराज इंद्रपुरी से सुबह 11 बजे 4,74,429 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा था। इसके बाद दोपहर 12 बजे यह बढ़कर 4,84,442 क्यूसेक हो गया। दोपहर 1 बजे डिस्चार्ज 4,96,673 क्यूसेक पहुंचा और महज एक घंटे बाद 2 बजे यह बढ़कर 5,18,170 क्यूसेक हो गया।यानी सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच सोन बैराज के डिस्चार्ज में करीब 43,741 क्यूसेक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। विभाग के आंकड़ों में सोन बैराज का डिजाइन डिस्चार्ज 14.58 लाख क्यूसेक बताया गया है।लगातार बढ़ते आंकड़े इस बात का संकेत दे रहे हैं कि फिलहाल सोन बैराज पर पानी का दबाव कम नहीं हुआ है। ऐसे में सोन नदी के जलस्तर और उसके आसपास के क्षेत्रों की स्थिति पर नजर बनाए रखना बेहद जरूरी है।
गंडक बैराज, वाल्मीकिनगर से भी लगातार 1,42,800 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है। सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर 2 बजे तक इसके आंकड़े में कोई बदलाव नहीं हुआ। चारों समय स्लॉट में डिस्चार्ज 1,42,800 क्यूसेक ही दर्ज किया गया। विभाग ने गंडक बैराज का ट्रेंड भी Steady बताया है। बैराज का डिजाइन डिस्चार्ज 8.50 लाख क्यूसेक है।गंडक नदी के आसपास के इलाकों में पहले से ही बाढ़ और जलजमाव की स्थिति को देखते हुए बैराज से निकलने वाले पानी पर नजर रखना महत्वपूर्ण है। खासकर नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए जलस्तर में अचानक बदलाव परेशानी बढ़ा सकता है।
