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दिल्ली में वित्त मंत्रियों की बैठक: बिहार ने केंद्र से इन योजनाओं के लिये मांगा 20 हजार करोड़ रुपये

केंद्रीय बजट 2023-24 को लेकर शुक्रवार को देश भर के वित्त मंत्रियों की बैठक आयोजित की गई. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमैया की अध्यक्षता में आयोजित बजट पूर्व  बैठक में बिहार के वित्त मंत्री विजय चौधरी शामिल हुए. इस बैठक में राज्य के वित्त मंत्री ने बिहार के लिए केंद्र सरकार से कई मांग की. उन्होंने मीटिंग में केंद्र सरकार से कहा कि बिहार को प्लान (द्वितीय चरण) के रूप में 20,000 करोड़ रुपये स्वीकृत किया जाय, साथ ही वित्तीय समेकन के दृष्टिकोण से बिहार जैसे पिछड़े राज्य की राजकोषीय घाटा सीमा को राज्य सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) का 4 प्रतिशत किया जाय.

केन्द्रीय प्रायोजित योजनाओं में बिहार को विशेष सहायता के रूप में केन्द्रांश-राज्यांश का शेयर अनुपात 90:10 किया जाये. विजय चौधरी ने मांग किया कि केन्द्र प्रायोजित योजनाओं की संख्या को नीति आयोग के निर्णय के अनुसार 30 तक ही सीमित रखा जाये. इससे अधिक की योजनाओं में व्यय की जानेवाली राशि भारत सरकार द्वारा शत-प्रतिशत वहन करना चाहिए, साथ ही सिंगल नो़डल अकाउंट में 40 दिन के अंदर राज्यांश जमा करने की शर्त को समाप्त किया जाना चाहिए. बिहार के वित्त मंत्री ने मांग करते हुए कहा कि PMGSY पथों के अनुरक्षण एवं रख-रखाव मद में भी केन्द्रांश की राशि राज्यों को उपलब्ध कराई जाये.

बिहार के वित्त मंत्री ने एक महत्वपूर्ण मांग उर्जा को लेकर की. उन्होंने कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में One Nation One Tariff लागू किया जाये, साथ ही स्मार्ट प्रीपेड मीटर के लिए विद्युत वितरण कम्पनियों को ऋण उपलब्ध कराई जाये. वित्त मंत्री ने मांग करते हुए कहा कि पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के कक्षा 1-8 तक के छात्रों को भी प्रधानमंत्री यशस्वी योजना के तहत 50:50 के अनुपात में छात्रवृत्ति प्रदान किया जाये. वित्त मंत्री ने केंद्र से राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केन्द्र की स्थापना दरभंगा में करने की मांग की साथ ही कोशी- मेची नदी जोड़ योजना को लेकर हाई पावर कमिटी ने जो अनुशंसा की है उस आलोक में क्रियान्वयन की भी मांग की.

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