लाइव सिटीज, पटना: बिहार में छात्र आंदोलन और सीवान की फायरिंग की घटना को लेकर सियासत तेज हो गई है। आरजेडी सांसद मीसा भारती पटना पहुंचते ही बिहार सरकार पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को छात्रों की मांगों और उनकी सुरक्षा को लेकर संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।मीसा भारती ने कहा कि युवा देश और राज्य का भविष्य होते हैं। ऐसे में जब छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हों, तो उनकी आवाज सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग करना उचित नहीं है। उन्होंने छात्र आंदोलनों के दौरान हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए सरकार की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए।
सीवान घटना पर उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि घटना के बाद अब तक जिले के डीएम और एसपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो जानी चाहिए थी। उन्होंने दोनों अधिकारियों को निलंबित करने की मांग करते हुए कहा कि किसी गंभीर घटना की जिम्मेदारी केवल निचले स्तर के पुलिसकर्मियों पर डालना उचित नहीं है। मीसा भारती ने पुलिसकर्मी के निलंबन को लेकर भी सवाल उठाया। उनका कहना था कि कोई भी सिपाही अपने स्तर पर गोली चलाने का फैसला नहीं करता। ऐसे मामलों में वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका और आदेश की भी जांच होनी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट में बिहार सरकार की ओर से दाखिल हलफनामे का जिक्र करते हुए मीसा भारती ने कथित हवाई फायरिंग के दावे पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि अगर फायरिंग हुई थी तो उसकी प्रकृति और परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच क्यों नहीं की जा रही है। उन्होंने घटना में इस्तेमाल हथियार को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मौके पर मौजूद लोगों ने जो देखा, उसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए।मीसा भारती ने कहा कि भीड़भाड़ वाले इलाके में फायरिंग बेहद गंभीर मामला है। ऐसी स्थिति में गोली किसी भी व्यक्ति को लग सकती थी और बड़ी जनहानि हो सकती थी। इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय करना जरूरी है।
वहीं, आरजेडी सांसद मीसा भारती ने बिहार सरकार पर हमला बोलते हुए युवाओं, कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में बड़ी संख्या में युवा रोजगार की तलाश में हैं, जबकि कई लोगों को समय पर पेंशन और वेतन नहीं मिल रहा है। मीसा भारती ने कहा कि बिहार में युवाओं के सामने रोजगार की बड़ी समस्या है। लोगों को नौकरी का इंतजार है, वहीं जिन लोगों की आय पेंशन या वेतन पर निर्भर है, उन्हें भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि जब आम जनता अपनी बुनियादी जरूरतों को लेकर परेशान है, तो उसकी समस्याओं का समाधान कब होगा।
इसी के साथ उन्होंने बीजेपी के मंत्रियों पर भी भ्रष्टाचार और घोटालों को लेकर गंभीर आरोप लगाए।उन्होंने बीजेपी के मंत्रियों पर निशाना साधते हुए दावा किया कि राज्य में घोटाले पर घोटाले हो रहे हैं। मीसा भारती ने आरोपों के जरिए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाया और कहा कि सत्ता में बैठे लोगों को जनता के मुद्दों पर जवाब देना चाहिए।
