लाइव सिटीज, मुजफ्फरपुर: जिले में रविवार की सुबह नहर का तटबंध टूटने से अचानक बाढ़ जैसे हालात बन गए। मामला मड़वन प्रखंड के रक्सा बाजार के समीप का है, जहां तिरहुत बैतरणी नहर का करीब 40 फीट हिस्सा टूट गया। तटबंध टूटते ही नहर का पानी तेज गति से आसपास के खेतों और चबड़ की ओर फैलने लगा। देखते ही देखते सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई।
रक्सा बाजार के पास टूटा नहर का बांध
बताया गया कि रविवार तड़के अचानक तिरहुत नहर के तटबंध में बड़ा हिस्सा टूट गया। सुबह जब ग्रामीणों की नजर इस पर पड़ी तो नहर का पानी अपने निर्धारित रास्ते से बाहर निकलकर खेतों और आसपास के निचले इलाकों में फैल रहा था।
पानी का बहाव तेज होने के कारण इलाके में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और टूटे हुए तटबंध तथा पानी के बहाव का जायजा लिया। पानी के फैलने से आसपास के रास्ते पर भी आवागमन प्रभावित हुआ।
सैकड़ों एकड़ खेतों में घुसा पानी
तटबंध टूटने के बाद सबसे ज्यादा असर आसपास की कृषि भूमि पर पड़ा है। नहर का पानी खेतों और चबड़ में फैलने से सैकड़ों एकड़ जमीन पानी में डूब गई। हालांकि, शुरुआती जानकारी के मुताबिक पानी का बड़ा हिस्सा चबड़ की तरफ जाने के कारण फसलों को तत्काल बड़े पैमाने पर नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर पानी का बहाव लगातार इसी तरह जारी रहा और जलस्तर बढ़ा तो खेतों में लगी फसलों के साथ-साथ आसपास के घरों को भी नुकसान पहुंच सकता है।
कुछ जगह घरों तक पहुंचा पानी
नहर से निकला पानी केवल खेतों तक सीमित नहीं रहा। आसपास के कुछ हिस्सों में पानी घरों के आसपास तक पहुंचने की सूचना है। इससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।ग्रामीणों की नजर अब इस बात पर है कि नहर से निकल रहा पानी आगे किस दिशा में फैलता है और जलस्तर कितना बढ़ता है।
तटबंध अपने आप टूटा या काटा गया? जांच शुरू
घटना के बाद तटबंध टूटने की वजह को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि तटबंध प्राकृतिक रूप से टूटता हुआ नहीं दिख रहा, बल्कि उसमें काटे जाने जैसे निशान दिखाई दे रहे हैं।
स्थानीय निवासी शिव चंद्र और चंदन कुमार ओझा ने भी तटबंध के खुद टूटने के बजाय काटे जाने की आशंका जताई है। उनका कहना है कि इस रास्ते से पानी तेजी से रक्सा इलाके के चबड़ की ओर जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले करीब एक साल में इसी इलाके में ऐसी स्थिति लगभग तीन बार सामने आ चुकी है।
हालांकि, बांध काटे जाने की बात अभी जांच का विषय है। इसे तथ्य के रूप में नहीं माना गया है।
करीब 100 मीटर दूर एक और हिस्सा प्रभावित
ग्रामीणों के मुताबिक रक्सा दक्षिणी की ओर करीब 100 मीटर की दूरी पर भी तटबंध का एक हिस्सा प्रभावित हुआ है। इससे स्थानीय लोगों को आशंका है कि यदि कमजोर हिस्सों को समय रहते मजबूत नहीं किया गया तो पानी का फैलाव और बढ़ सकता है।
प्रशासन और विभाग की टीम मौके पर पहुंची
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने तटबंध टूटने की स्थिति और पानी के बहाव का जायजा लिया। पानी को नियंत्रित करने तथा क्षतिग्रस्त तटबंध की मरम्मत के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि मड़वन के रक्सा में तिरहुत नहर का तटबंध टूटा है। सूचना मिलते ही संबंधित विभाग और वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि बांध की जल्द मरम्मत कराई जाएगी। जिलाधिकारी के अनुसार, पानी का दबाव बहुत अधिक नहीं था, इसलिए ग्रामीणों से मिली सूचना के आधार पर तटबंध से छेड़छाड़ की आशंका की भी जांच की जा रही है।
अभी सबसे बड़ी चिंता पानी के और फैलने की
फिलहाल नहर का पानी खेतों और चबड़ की तरफ फैल चुका है। प्रशासन की नजर पानी के बहाव और जलस्तर पर है। ग्रामीणों की चिंता यह है कि यदि पानी का दबाव बढ़ा या तटबंध के दूसरे कमजोर हिस्से प्रभावित हुए तो जलमग्न क्षेत्र और बढ़ सकता है।
मुजफ्फरपुर में पहले से बारिश का दौर भी जारी है। जिले में शनिवार को औसतन 18.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी और मौसम विभाग ने रविवार को भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई थी। ऐसे में नहर का तटबंध टूटने की घटना ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता तटबंध की मरम्मत कर पानी के बहाव को नियंत्रित करना और प्रभावित इलाके में स्थिति पर लगातार नजर रखना है।
