लाइव सिटीज, पटना: बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बुधवार को SIR के मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने एक दैनिक समाचार पत्र ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की खबर का हवाला देते हुए कहा कि समाचार पत्र ने ज्ञानेश कुमार की मनमानी की पोल खोल दी है। बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चुनाव आयोग के SIR के बहाने वोटरों से मतदान का अधिकार छीनने की जो आशंका विपक्ष ने जताई थी, उसे अब अखबार ने साबित किया है।
तेजस्वी ने अपने सोशल मीडिया पर लिखा है – ‘𝟐𝟕 जून 𝟐𝟎𝟐𝟓 को बिहार चुनाव से चंद दिन पहले एकपक्षीय दोषपूर्ण 𝐒𝐈𝐑 शुरू करने पर हमने सर्वप्रथम देश को आगाह किया था। हमने 𝟏𝟓 से अधिक बार तार्किक रूप से तथ्यों व सबूतों के साथ दोषपूर्ण और द्वेषपूर्ण 𝐒𝐈𝐑 प्रक्रिया पर 𝐏𝐫𝐞𝐬𝐞𝐧𝐭𝐚𝐭𝐢𝐨𝐧 देकर जनता और मीडिया के समक्ष अपना पक्ष रखा था। वोट चोरी को उजागर करने के लिए सर्वप्रथम बिहार में वोटर अधिकार यात्रा निकाली।’
उन्होंने कहा, तीन चुनाव आयुक्तों में से दो आयुक्तों ने 𝟏𝟎 महीनों में 𝟏𝟒 बार चुनाव आयोग के निर्णयों व नीतियों पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई, यहाँ तक की एक दिन में 𝟒 बार आपत्तियां दर्ज करा इनके निर्णयों को अनधिकृत और अवैध बताया लेकिन बहुमत को दरकिनार करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने जबरन मनमानी की ताकि बीजेपी को फायदा पहुँचे। दो शीर्ष लोगों के अनैतिक, अवैधानिक कुकृत्यों एवं निर्देशों की पालना कर लोकतंत्र और संविधान ख़त्म करने पर आमादा श्री ज्ञानेश कुमार को कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता क्योंकि उन्हें विश्वास दिलाया गया है उन्हें बचा लिया जाएगा। वोट चोरी को लेकर हम सुप्रीम कोर्ट तक गए, लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त ने 𝐄𝐂 के संवैधानिक संस्था का मुखिया होने के नाते हर बार तमाम सवैधानिक परंपराओं, लोकतांत्रिक मूल्यों और मर्यादाओं को तार-तार कर सबको गुमराह किया
उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव से पूर्व हमारा डेलीगेशन इनसे मिला, विपक्ष का संयुक्त प्रतिनिधिमंडल मिला, प्रमाण दिए, दोषपूर्ण और द्वेषपूर्ण 𝐒𝐈𝐑 प्रक्रिया के साक्ष्य दिए, अनेक पत्र लिखे, मृत बताकर काटे गए मतदाताओं को जिंदा सुप्रीम कोर्ट में खड़ा किया, चुनावों में मतदान के दिन तक सरकार द्वारा मतदाताओं को 𝟒𝟏 हज़ार करोड़ की बड़ी धनराशि के वितरण अथवा बीजेपी शासित प्रदेशों के अधिकारियों को ऑब्ज़र्वर एवं उन राज्यों की पुलिस की चुनावी ड्यूटी तथा 𝐏𝐌 समेत बीजेपी नेताओं द्वारा आचार संहिता के सरेआम उल्लंघन पर अनेक बार आपत्तियां दर्ज कराई लेकिन कभी भी एक भी आपत्ति पर सुनवाई नहीं हुई।
तेजस्वी ने कहा कि मैंने पूर्व में भी कहा और निरंतर कह रहा हूँ हमें तंत्र और यंत्र से चुनाव हराया गया। हम हारे नहीं हराया गया। बिहार, महाराष्ट्र, हरियाणा और बंगाल इसके प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। पूरी चुनाव प्रक्रिया अब 𝐄𝐲𝐞 𝐰𝐚𝐬𝐡 बनकर रह गयी है। अभी तो ऐसे खुलासों की शुरुआत हुई है। समय आने पर जो भी इन अनैतिक गैर-संवैधानिक कुकृत्यों में सम्मिलित रहे है वो ही इनकी पोल खोलेंगे। हमने भी बहुत कुछ संभाल कर रखा है, इंतज़ार करते रहिए।
