लाइव सिटीज, पटना: दशहरा और दीपावली के त्योहारों को देखते हुए बिहार में शराब तस्करी रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था सख्त करने की तैयारी है। दूसरे राज्यों से बिहार में शराब लाने वाले तस्करों पर नजर रखने के लिए सीमावर्ती इलाकों में जांच अभियान तेज किया जाएगा। इस दौरान महिला शराब तस्करों को पकड़ने के लिए बॉर्डर पर महिला पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की जाएगी। संदिग्ध वाहनों की जांच के साथ ही उन लोगों पर भी नजर रखी जाएगी, जो महिलाओं को आगे करके शराब की खेप एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने की कोशिश करते हैं।
बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है। इसके बावजूद दूसरे राज्यों से शराब लाकर बेचने और उसकी अवैध ढुलाई के मामले सामने आते रहे हैं। त्योहारों के दौरान शराब की मांग बढ़ने की आशंका को देखते हुए मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया है। विभागीय कार्रवाई में यह बात सामने आई है कि शराब की तस्करी में महिलाओं की संलिप्तता भी बढ़ रही है। ऐसे में जांच व्यवस्था में महिला पुलिसकर्मियों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
नौ महीने में 600 महिला तस्कर गिरफ्तार
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, 1 जनवरी से 29 सितंबर 2026 के बीच बिहार के विभिन्न जिलों में शराब से जुड़े मामलों में 600 महिलाओं को गिरफ्तार किया गया। इस अवधि में उनके पास से कुल 8,019 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई। ये आंकड़े बताते हैं कि शराब के अवैध कारोबार में महिलाओं का इस्तेमाल भी एक बड़ी चुनौती बन रहा है।
महिला आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ शराब की बरामदगी के मामलों ने उत्पाद विभाग की चिंता बढ़ाई है। आशंका है कि शराब तस्करी से जुड़े कुछ लोग पुलिस की सामान्य जांच से बचने के लिए महिलाओं को आगे कर रहे हैं। ऐसे मामलों में अब केवल शराब की बरामदगी ही नहीं, बल्कि तस्करी के पीछे सक्रिय लोगों और पूरे नेटवर्क का पता लगाना भी जांच का अहम हिस्सा होगा।
बॉर्डर पर महिला पुलिसकर्मी करेंगी जांच
दशहरा और दीपावली के मद्देनजर सीमावर्ती इलाकों में जांच के दौरान महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती बढ़ाने की योजना है। दूसरे राज्यों से बिहार में प्रवेश करने वाले वाहनों में यदि महिलाएं सवार हों और उनकी गतिविधियों पर संदेह हो, तो महिला पुलिसकर्मी उनकी तलाशी और जांच की प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगी।
इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि महिला होने का फायदा उठाकर कोई शराब तस्करी न कर सके। पुरुष पुलिसकर्मियों के साथ महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी से जांच को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भी मद्यनिषेध विभाग तथा पुलिस की टीमें जरूरत के मुताबिक अभियान चलाएंगी।
