लाइव सिटीज, पटना: बिहार के लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के सचिव बी. कार्तिकेय (IAS) ने शनिवार को मुंगेर जिले के अलग-अलग प्रखंडों में चल रही जलापूर्ति योजनाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने योजनाओं की जमीनी स्थिति देखी और स्थानीय लोगों से बातचीत कर यह जानकारी ली कि उन्हें नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल मिल रहा है या नहीं।
सचिव ने टेटिया बंबर प्रखंड की वनहरा पंचायत के वार्ड नंबर 12 में वार्ड स्तरीय जलापूर्ति योजना का जायजा लिया। यह इलाका फ्लोराइड प्रभावित है। यहां संचालित योजना से करीब 90 घरों में शुद्ध पेयजल पहुंचाया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान सचिव ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और लाभार्थी परिवारों से सीधे बातचीत कर पानी की आपूर्ति और योजना के संचालन से जुड़ी जानकारी ली।
इसके बाद सचिव संग्रामपुर प्रखंड की दीदारगंज पंचायत के वार्ड नंबर 10 पहुंचे। यहां भी उन्होंने वार्ड स्तरीय जलापूर्ति योजना का निरीक्षण किया। इस योजना से लगभग 132 घरों को पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। सचिव ने ग्रामीणों से बातचीत कर योजना से मिल रहे लाभ और जलापूर्ति की स्थिति का फीडबैक लिया।
14 हजार से अधिक घरों तक पहुंच रहा शुद्ध पानी
निरीक्षण के दौरान सचिव ने हवेली खड़गपुर प्रखंड के खैरा में बहुग्रामीय जलापूर्ति योजना का भी जायजा लिया। यहां जलमीनार सफाई अभियान के तहत जलमीनार की सफाई सचिव की मौजूदगी में कराई गई।
फ्लोराइड प्रभावित इस इलाके में इस योजना के माध्यम से करीब 14,224 घरों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, योजना के संचालन से लोगों को फ्लोराइड युक्त पानी के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं, खासकर फ्लोरोसिस, से राहत मिली है। सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होने से क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक असर पड़ा है।
लापरवाही पर सचिव ने जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान जलापूर्ति योजनाओं के संचालन और कार्यों में लापरवाही सामने आने पर सचिव ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और अभियंताओं की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए।
सचिव ने कार्यपालक अभियंता, मुंगेर और कनीय अभियंता, संग्रामपुर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। वहीं सहायक अभियंता, तारापुर से स्पष्टीकरण मांगने का आदेश दिया गया है।
नियमित निगरानी के निर्देश
सचिव बी. कार्तिकेय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जलापूर्ति योजनाओं के संचालन और रखरखाव में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं की नियमित निगरानी जरूरी है, ताकि लोगों को बिना बाधा के स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल मिलता रहे।
उन्होंने अधिकारियों और अभियंताओं को जमीनी स्तर पर योजनाओं की स्थिति पर लगातार नजर रखने तथा जहां भी कोई तकनीकी या संचालन संबंधी समस्या हो, उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित करने का
