लाइव सिटीज, पटना: बिहार में बाढ़ से प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए राज्य सरकार ने नुकसान का विस्तृत आकलन कराने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि बाढ़ का पानी कम होने के बाद प्रभावित इलाकों में घर-घर जाकर नुकसान का सर्वे कराया जाएगा, ताकि जिन लोगों के मकान, सामान या अन्य संपत्ति को नुकसान पहुंचा है, उनकी स्थिति का सही आकलन हो सके
मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं भी सुनीं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार की प्राथमिकता फिलहाल प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और उन्हें जरूरी मदद उपलब्ध कराना है।
किसानों के नुकसान का भी बनेगा रिकॉर्ड
बाढ़ की वजह से बड़ी संख्या में किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं। खेतों में पानी भरने से धान सहित दूसरी फसलों को नुकसान हुआ है। सरकार की ओर से किसानों की क्षति का भी आकलन कराया जाएगा और फसल नुकसान के आधार पर मुआवजा देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी
सरकार का कहना है कि नुकसान का वास्तविक आंकड़ा सामने आने के बाद राहत और मुआवजे को लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रभावित इलाकों की स्थिति दर्ज करने और नुकसान का ब्योरा तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।
राहत और बचाव पर भी सरकार का फोकस
बिहार के कई जिलों में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच राहत और बचाव अभियान जारी है। प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर और सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। कई इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए नावों और बचाव दलों की मदद ली जा रही है।
