लाइव सिटीज, पटना: बिहार में आगामी पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। चुनावी प्रक्रिया शुरू होने से पहले पंचायतों के परिसीमन का काम आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में राज्य निर्वाचन आयोग ने संबंधित अधिकारियों को परिसीमन से जुड़ी सभी ऑनलाइन प्रविष्टियां निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया है।परिसीमन की प्रक्रिया को सुचारु रूप से पूरा कराने के लिए जिला और प्रखंड स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही तकनीकी टीमों की भी मदद ली जा रही है, ताकि ऑनलाइन डाटा एंट्री और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं में किसी तरह की परेशानी न हो।
परिसीमन की प्रक्रिया में पंचायत मुख्यालय, राजस्व ग्राम और संबंधित क्षेत्रों से जुड़ी जरूरी जानकारी पोर्टल पर दर्ज की जा रही है। आयोग के निर्देश के अनुसार यह पूरा विवरण 1991 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर तैयार किया जाएगा।
परिसीमन की ऑनलाइन प्रक्रिया को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जिलों की तकनीकी टीमों के अलावा प्रखंड विकास पदाधिकारी और उनकी तकनीकी टीमों ने हिस्सा लिया।प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को पोर्टल पर लॉगिन करने, पदाधिकारियों की जानकारी दर्ज करने और जनगणना से जुड़े आंकड़ों के आधार पर परिसीमन का विवरण ऑनलाइन अपलोड करने की प्रक्रिया समझाई गई।अधिकारियों को यह भी बताया गया कि पूरी प्रक्रिया निर्धारित यूजर मैनुअल के अनुसार ही पूरी की जाए, ताकि ऑनलाइन डेटा एंट्री में किसी तरह की गड़बड़ी की संभावना न रहे।
पंचायत मुख्यालय से संबंधित राजस्व ग्रामों का विवरण दर्ज करने के लिए प्रपत्र-2 की ऑनलाइन एंट्री की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। संबंधित अधिकारी अपनी यूजर आईडी और पासवर्ड के जरिए पोर्टल पर लॉगिन कर जानकारी दर्ज करेंगे।प्रपत्र-2 में दर्ज होने वाली जानकारी पंचायत परिसीमन की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है। इसलिए अधिकारियों को एंट्री करते समय विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
